कभी-कभी एक कार्यक्रम, एक वीडियो और कुछ तस्वीरें पूरे प्रशासनिक ढांचे को कटघरे में खड़ा कर (Gariaband Deputy Collector Case) देती हैं। हाल के दिनों में सामने आए एक मामले ने भी यही संकेत दिया, जब जांच पूरी होते-होते फैसला इतना बड़ा हो गया कि उसकी गूंज दूर तक सुनाई देने लगी।
यह मामला छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से जुड़ा है, जहां आर्केस्टा के नाम पर आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर डिप्टी कलेक्टर तुलसीदास मरकाम को निलंबित कर दिया गया है। इस संबंध में विधिवत आदेश भी जारी कर दिया गया है।
प्रकरण उरमाल गांव में आयोजित तथाकथित ‘ओपेरा’ कार्यक्रम से जुड़ा है, जिसमें अशोभनीय और अश्लील नृत्य प्रस्तुत किए जाने के आरोप सामने आए। आरोप है कि संबंधित अधिकारी ने न केवल इस कार्यक्रम को अनुमति (Gariaband Deputy Collector Case) दी, बल्कि स्वयं भी आयोजन के दौरान मौजूद रहे। कार्यक्रम से जुड़े वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला गंभीर होता चला गया।
जांच में यह भी सामने आया कि कार्यक्रम की अनुमति शासन द्वारा तय प्रक्रिया और नियमों के विपरीत दी गई। रिपोर्ट के अनुसार, सार्वजनिक आयोजनों के लिए पूर्व अनुमति से जुड़े निर्देशों का पालन नहीं किया गया और कार्यक्रम के दौरान आपत्तिजनक गतिविधियां जारी रहने के बावजूद उन्हें रोकने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
मामले में कलेक्टर कार्यालय द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद यह निष्कर्ष निकाला गया कि संबंधित अधिकारी का आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के स्पष्ट उल्लंघन की श्रेणी में आता है, जो कर्तव्य के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता को दर्शाता है।
इन्हीं आधारों पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई (Gariaband Deputy Collector Case) की गई है। निलंबन अवधि के दौरान संबंधित अधिकारी का मुख्यालय बलौदाबाजार-भाटापारा जिला कार्यालय निर्धारित किया गया है।
इस कार्रवाई को प्रशासनिक स्तर पर कड़ा संदेश माना जा रहा है कि सार्वजनिक पदों पर बैठे अधिकारियों से अनुशासन, मर्यादा और नियमों के पालन की अपेक्षा सर्वोपरि है। मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जिम्मेदारी के पदों पर बैठे लोगों की जवाबदेही कितनी जरूरी है।
