रेत चोरी के मामले में पहली बार सजा, विशेष न्यायालय ने कहा “धरती सभी की जरूरत पूरी करती है,लालच नहीं”

रायपुर। प्राकृतिक संसाधन सार्वजनिक संपत्ति और सामूहिक धरोहर हैं। निजी स्वार्थ के लिए नदियों का सीना चीरकर अंधाधुंध अवैध दोहन करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। अरपा नदी से अवैध रेत उत्खनन के मामले में सजा सुनाते हुए विशेष न्यायाधीश (खान एवं खनिज) सिराजुद्दीन कुरैशी की अदालत ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के कथन “धरती हर व्यक्ति की जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन देती है, लेकिन लालच को नहीं” का उल्लेख किया। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में नरमी बरतने से समाज में गलत संदेश जाएगा। अदालत ने अरपा से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के मामले में दो आरोपियों को 3-3 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 26-26 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

 सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपियों के प्रथम अपराधी और गरीब किसान होने का हवाला देते हुए नरमी बरतने की गुहार लगाई थी। हालांकि, अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए इसे खारिज कर दिया। निर्णय सुनाते हुए विशेष न्यायाधीश ने महात्मा गांधी के कथन का भी उल्लेख किया कि धरती हर व्यक्ति की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त संसाधन देती है, लेकिन लालच के लिए नहीं।

ऐसे पकड़ में आया था मामला

मामला कोटा थाना क्षेत्र के ग्राम लारीपारा स्थित अरपा नदी घाट का है। 16 जून 2025 को सुबह करीब 8:40 बजे जिला खनिज अमले ने यहां औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान अवैध रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर जा रहा चालक टीम को देखकर वाहन छोड़कर फरार हो गया। खनिज अमले ने ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर कोनी थाने की अभिरक्षा में रखवा दी। इसके बाद खनिज आरक्षक योगेश कुमार वासनिक की शिकायत पर कोटा थाने में अज्ञात चालक और वाहन स्वामी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान ट्रैक्टर क्रमांक सीजी 10 एवी 9417 के मालिक व चालक सुरेंद्र कुमार कुर्रे (39), निवासी तुर्काडीह, और ट्रॉली क्रमांक सीजी 10 बीयू 2339 के मालिक विजय बघेल (47), निवासी नरोतीकापा, की पहचान हुई।

दोनों पर 26-26 हजार रुपए जुर्माना

अदालत ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2)/3(5) के तहत दोनों को 3-3 साल के कठोर कारावास और 1-1 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत दोनों पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। इसे नहीं चुकाने पर भी 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

3 घनमीटर रेत राजसात करने का आदेश

कोर्ट ने जब्त 3 घनमीटर रेत राज्य शासन के पक्ष में राजसात करने का आदेश दिया है। राजसात की प्रक्रिया से प्राप्त राशि सरकारी कोष में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 146/196 के तहत पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर अदालत ने दोनों को दोषमुक्त कर दिया।

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