जशपुर जिले के तपकरा परिक्षेत्र अंतर्गत सतपुरिया वनक्षेत्र में 73 हाथियों का बड़ा दल सुरक्षित रूप से विचरण (Elephant Herd Jashpur) कर रहा है। वन विभाग के अनुसार 14 दिसंबर 2025 से 37 हाथियों का एक समूह क्षेत्र में सक्रिय था, जबकि 25 फरवरी 2026 से 36 हाथियों का एक और दल यहां पहुंचा है। वर्तमान में दोनों दल मिलकर सतपुरिया जंगल के भीतर ही रह रहे हैं और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब तक हाथियों का दल जंगल से बाहर नहीं निकला है और किसी भी प्रकार की जनहानि, जनघायल या मकान क्षति की कोई घटना सामने नहीं आई है। हालांकि, वन क्षेत्र से बाहर निकलने पर फसल नुकसान की आशंका बनी रहती है, लेकिन फिलहाल ऐसी कोई बड़ी घटना दर्ज नहीं की गई है।
हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग की टीम लगातार (Elephant Herd Jashpur) सतर्क है। रैपिड रिस्पांस टीम (RRT) द्वारा नियमित गश्त की जा रही है और हाथियों की हर गतिविधि की निगरानी की जा रही है। इसके अलावा आसपास के गांवों में मुनादी, सूचना प्रसारण और व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से ग्रामीणों को लगातार जागरूक किया जा रहा है।
आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन क्षेत्र के संवेदनशील स्थानों पर अस्थायी बैरियर लगाए गए हैं और लोगों की अनावश्यक आवाजाही पर रोक लगाई गई है। ग्रामीणों से विशेष रूप से रात के समय जंगल या खेतों में अकेले नहीं जाने, समूह में रहने और हाथियों की गतिविधि दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचना देने की अपील की गई है।
वन विभाग ने कहा है कि मानव-हाथी संघर्ष की संभावनाओं को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए (Elephant Herd Jashpur) जा रहे हैं। लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया गया है।

