कबीरधाम जिले में गुरुवार को बिजली से जुड़े दो अलग-अलग हादसों में पिता-पुत्र समेत तीन लोगों की दर्दनाक मौत (Electric Shock Tragedy) हो गई। पहली घटना कुकदूर थाना क्षेत्र के नागाटोला माठपुर गांव में हुई, जहां बिजली पोल के अर्थिंग तार में उतरे करंट की चपेट में आने से आठ वर्षीय मासूम की जान चली गई। वहीं दूसरी घटना सहसपुर लोहारा थाना क्षेत्र के बीरनपुर कला गांव में हुई, जहां खेत में लगाए गए विद्युत झटका तार की चपेट में आने से किसान और उसके बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों घटनाओं के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है और बिजली सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
अर्थिंग तार में उतरे करंट से मासूम की मौत Electric Shock Tragedy
कुकदूर थाना क्षेत्र के नागाटोला माठपुर निवासी आठ वर्षीय श्रवण बैगा घर के पास खेल रहा था। इसी दौरान वह बिजली पोल के अर्थिंग तार के संपर्क में आ गया। तार में करंट उतरने से उसे जोरदार झटका लगा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि लाइनों और अर्थिंग सिस्टम का नियमित निरीक्षण नहीं होने से हादसा हुआ।
बेटे को बचाने दौड़ा पिता, दोनों की चली गई जान
दूसरी घटना सहसपुर लोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम बीरनपुर कला में हुई। किसान गोकरण पटेल (55) अपने पुत्र परमेश पटेल (22) के साथ खेत में बुआई का काम कर रहे थे। खेत की सुरक्षा के लिए लगाए गए विद्युत झटका तार की चपेट में पहले परमेश आ गए। बेटे को बचाने के लिए दौड़े गोकरण भी करंट की चपेट में आ गए। दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
बताया गया कि बारिश के कारण खेत में पानी भरा हुआ था, जिससे करंट का खतरा और बढ़ गया। हादसे की जानकारी तब हुई, जब गोकरण की पत्नी खेत में भोजन लेकर पहुंची और दोनों को अचेत अवस्था (Electric Shock Tragedy) में पड़ा देखा।
बिजली सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि लोहारा विकासखंड में एक वर्ष के भीतर करंट से मौत की यह दूसरी बड़ी घटना है। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद न तो बिजली व्यवस्था की समुचित निगरानी हो रही है और न ही खेतों में लगाए जा रहे अवैध विद्युत तारों पर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से बिजली लाइनों के नियमित रखरखाव, अर्थिंग सिस्टम की जांच तथा खेतों (Electric Shock Tragedy) में लगाए गए अवैध विद्युत तारों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
