दुर्ग के हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में एक प्रशासनिक कार्रवाई ने हलचल (Durg University) बढ़ा दी है। सरकारी वाहन के इस्तेमाल और शासकीय खर्च में कथित अनियमितताओं को लेकर विश्वविद्यालय के कुलसचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मामले के सामने आने के बाद उच्च शिक्षा विभाग भी सक्रिय हो गया है।
उच्च शिक्षा संचालनालय ने कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप से सात दिनों के भीतर सभी आरोपों पर जवाब मांगा है। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर यह नोटिस जारी किया गया है। समय पर संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
सोशल मीडिया और खबरों के बाद शुरू हुई जांच Durg University
जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों में सामने आई खबरों के बाद पूरे मामले की जांच कराई गई। जांच की जिम्मेदारी उच्च शिक्षा के क्षेत्रीय कार्यालय दुर्ग को सौंपी गई थी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उच्च शिक्षा संचालनालय के आयुक्त ने कुलसचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
सरकारी वाहन और खर्च को लेकर उठे सवाल
नोटिस में सरकारी वाहन के कथित दुरुपयोग, दुर्घटनाग्रस्त वाहन की मरम्मत में नियमों की अनदेखी और शासकीय राशि के उपयोग में अनियमितता जैसे आरोपों का उल्लेख किया गया है। प्रारंभिक जांच में इन बिंदुओं पर सवाल उठने के बाद संबंधित अधिकारी से विस्तृत जवाब मांगा गया है।
जांच रिपोर्ट में लापरवाही के संकेत Durg University
उच्च शिक्षा संचालनालय को भेजी गई जांच रिपोर्ट में वित्तीय और प्रशासनिक स्तर पर संभावित लापरवाही के संकेत बताए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर ही कुलसचिव से सभी आरोपों पर दस्तावेज सहित अपना पक्ष रखने को कहा गया है।
सात दिन में देना होगा जवाब
कुलसचिव को सात दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत (Durg University) करने होंगे। इसके बाद उच्च शिक्षा संचालनालय जवाब और उपलब्ध रिकॉर्ड की समीक्षा करेगा। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
