केंद्र सरकार ने डीजल को एक्साइज ड्यूटी से मुक्त करने और पेट्रोल पर ₹10 प्रति लीटर की कटौती करते हुए एक्साइज ड्यूटी मात्र ₹3 प्रति लीटर करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे स्वागतयोग्य और जनहितकारी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला सीधे तौर पर 140 करोड़ नागरिकों के जीवन में राहत लाएगा। (Diesel-Petrol Excise Cut)
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि पेट्रोल और डीजल पर लगाई जाने वाली अतिरिक्त कर दरें आमजन की जेब पर भारी पड़ती थीं। अब इस कदम से प्रत्येक परिवार, किसान, मजदूर और मध्यमवर्गीय नागरिक को व्यापक लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा, “वैश्विक तेल संकट के समय में भी केंद्र सरकार ने आम नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला, यह प्रधानमंत्री की संवेदनशीलता और दूरदर्शिता का परिचायक है।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि निर्णय से ईंधन की लागत कम होने के कारण परिवहन क्षेत्र, दैनिक आवागमन और छोटे व्यवसायों को लाभ मिलेगा। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादों की ढुलाई में लागत घटने से खाद्य और कृषि वस्तुओं की कीमतों में भी स्थिरता आएगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल आर्थिक राहत है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक स्थिरता की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कदम देशवासियों के जीवन को सहज बनाने और उनके खर्चों में कटौती लाने के लिए लिया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और इस निर्णय से इसका स्पष्ट उदाहरण मिलता है।
उन्होंने कहा कि डीजल पर एक्साइज ड्यूटी हटाने से ट्रक, बस, और परिवहन कंपनियों की लागत में कमी आएगी, जिससे माल ढुलाई के खर्च में भी गिरावट आएगी। पेट्रोल पर ₹10 की कटौती से निजी वाहनों के संचालन में आर्थिक राहत मिलेगी और लोग दैनिक जीवन की जरूरतों में आसानी महसूस करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निर्णय से जनमानस में विश्वास बढ़ेगा और यह दिखाता है कि केंद्र सरकार आमजन की समस्याओं और उनकी जरूरतों को प्राथमिकता देती है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद और आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस राहत का सही उपयोग करें और ईंधन की बचत के लिए जिम्मेदारीपूर्वक इसका उपयोग करें। उन्होंने कहा कि यह निर्णय आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए राहत और अवसर दोनों लेकर आया है।
