सीजी भास्कर, 17 मई। बिलासपुर हाई कोर्ट में संविदा कर्मचारियों से जुड़े मामले को लेकर सोमवार को काफी हलचल देखने (Contract Employees) को मिली। अलग अलग जिलों से पहुंचे कर्मचारियों के बीच अदालत के फैसले को लेकर चर्चा होती रही। लंबे समय से नौकरी जारी रखने की उम्मीद लगाए बैठे कर्मचारियों को अदालत से बड़ी राहत मिलने के बाद उनके चेहरे पर संतोष नजर आया।
दूसरी तरफ विभागीय हलकों में भी इस आदेश को लेकर बातचीत तेज हो गई है। कर्मचारियों का कहना है कि अनुबंध खत्म होने के बाद उनकी जगह फिर से अस्थाई भर्ती निकालना गलत है। अदालत के आदेश के बाद अब कई संविदा कर्मियों को अपने भविष्य को लेकर नई उम्मीद दिखाई देने लगी है।
भर्ती विज्ञापन पर लगी रोक : Contract Employees
छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट ने संविदा और अस्थाई कर्मचारियों से जुड़े मामले में बड़ा आदेश दिया है। अदालत ने क्रेडा की ओर से जारी नए भर्ती विज्ञापन पर रोक लगा दी है। यह विज्ञापन सेवाकर्ता इकाई संविदा भर्ती के लिए जारी किया गया था।
मामले की सुनवाई जस्टिस बीडी गुरु की एकल पीठ में हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने ऊर्जा विभाग के सचिव समेत अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने को कहा है।
कर्मचारियों ने दी थी चुनौती
जानकारी के मुताबिक याचिकाकर्ताओं की नियुक्ति वित्तीय वर्ष 2025 से 2026 तक सेवाकर्ता इकाई के पद पर हुई थी। उनका अनुबंध 31 मार्च 2026 को समाप्त हो गया था। इसके बाद सेवा अवधि बढ़ाने के बजाय विभाग ने नए लोगों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दिया। इस फैसले को चुनौती देते हुए कर्मचारियों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
अदालत में क्या दलील दी गई
कर्मचारियों की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत में कहा कि किसी संविदा या अस्थाई कर्मचारी को केवल दूसरे अस्थाई कर्मचारी को रखने के लिए नहीं हटाया (Contract Employees) जा सकता। उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मचारियों को तभी हटाया जा सकता है जब वहां नियमित नियुक्ति की जाए। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट और छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के पुराने फैसलों का भी हवाला दिया गया।
पहले भी लग चुकी है रोक
अदालत को यह भी बताया गया कि इससे पहले भी क्रेडा की ओर से टेक्नीशियन संविदा भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था, जिस पर हाई कोर्ट रोक लगा चुका है। इस आधार पर वर्तमान भर्ती प्रक्रिया को भी चुनौती दी गई।
52 कर्मचारियों ने दायर की याचिका
इस मामले में रायपुर, राजनांदगांव, बेमेतरा, खैरागढ़ और जशपुर समेत कई जिलों के कुल 52 कर्मचारियों ने याचिका (Contract Employees) दायर की है। सभी कर्मचारियों ने भर्ती विज्ञापन को रद्द करने और सेवा सुरक्षा की मांग की है।
