छत्तीसगढ़ में धान भंडारण को लेकर सामने आए विवाद के बीच कांग्रेस (Congress Protest Raipur) ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार पर किसानों के धान के नुकसान के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए खाद्य मंत्री दयालदास बघेल को प्रतीकात्मक रूप से “चूहा पिंजरा जाली” भेंट करने का प्रयास किया। हालांकि, इस दौरान आजाद चौक पर भारी पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को रोक लिया।
पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने आरोप लगाया कि राज्य में भाजपा सरकार अपनी प्रशासनिक विफलताओं को छिपाने के लिए धान खराब होने का ठीकरा “चूहों” पर फोड़ रही है। उन्होंने कहा कि कवर्धा से लेकर महासमुंद तक करोड़ों रुपये के धान के नुकसान को चूहों द्वारा खा जाने की बात कहना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और हास्यास्पद है। यह मामला एक बड़े घोटाले की ओर इशारा करता है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
विकास उपाध्याय (Congress Protest Raipur) ने सवाल उठाया कि यदि वास्तव में धान डैमेज था या चूहों ने खाया, तो फिर फर्जी बिलों की आवक-जावक एंट्री किसने की। डैमेज धान के नाम पर फर्जी बिल किसके संरक्षण में लगाए गए और आरोप सामने आने के बाद आनन-फानन में संग्रहण केंद्र प्रभारी को हटाने की कार्रवाई किसे बचाने के लिए की गई।
उन्होंने कहा कि समय पर धान का उठाव नहीं होने के कारण धान खराब हुआ और अब सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए चूहों को जिम्मेदार ठहरा रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसलिए सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए।
इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता खाद्य मंत्री को “चूहा पिंजरा जाली” सौंपने जा रहे थे, लेकिन पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद प्रतीकात्मक रूप से वही जाली पुलिस को सौंप दी गई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है और पुलिस सरकार के दबाव में कार्य कर रही है।
