संपादकीय: लोकतंत्र के स्तंभों का टकराव चिंतनीय

Conflict between the pillars of democracy is a matter of concern: भारतीय लोकतंत्र में व्यवस्थापिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका की भूमिका स्पष्ट है। ये एक-दूसरे के अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण नहीं करती। किन्तु देखा जा रहा है कि पिछले कुछ समय से लोकतंत्र के इन आधार स्तंभों के बीच मतभेद गहराने लगे हैं। जो कभी आपसी … Continue reading संपादकीय: लोकतंत्र के स्तंभों का टकराव चिंतनीय