रायपुर। प्रदेश के बहुचर्चित 500 करोड़ रुपए से अधिक के कोयला घोटाला मामले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने विशेष न्यायालय रायपुर में 9500 पन्नों का पूरक चालान पेश किया है। इसमें कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, भिलाई नगर विधायक देवेंद्र सिंह यादव, विनोद तिवारी, रामप्रताप सिंह, आईएएस रानू साहू के भाई पीयूष साहू, अनुराग चौरसिया समेत 12 आरोपियों की भूमिका का उल्लेख किया गया है।
ईओडब्ल्यू के अनुसार, जब्त डायरियों में दर्ज रकम, बैंक खातों के लेन-देन, संपत्तियों की खरीदी और नकद भुगतान से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य विवेचना में सामने आए हैं। मामले में अन्य संभावित संदेहियों और शेष लेन-देन को लेकर दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 173(8) के तहत आगे भी जांच जारी है।
रामगोपाल अग्रवाल : 104.20 करोड़ की 32 प्रविष्टियां
चालान के अनुसार तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के संबंध में जब्त डायरियों में ‘भवन’ और ‘सी पार्टी’ के नाम से 32 प्रविष्टियां मिली हैं। इनमें कुल 104.20 करोड़ रुपए दर्ज हैं। ईओडब्ल्यू का दावा है कि विवेचना में यह रकम राजीव भवन पहुंचाए जाने और देवेंद्र डडसेना के माध्यम से रामगोपाल अग्रवाल द्वारा पार्टी के लिए प्राप्त किए जाने के तथ्य मिले हैं। उनके परिवार से जुड़ी कंपनियों के नाम जमीन खरीदी का भी उल्लेख चालान में है।
देवेंद्र सिंह यादव : चुनावी गतिविधियों के लिए रकम
भिलाई नगर विधायक देवेंद्र सिंह यादव और उनके लिए रकम प्राप्त करने वाले नवाज से संबंधित 11 डायरी प्रविष्टियों में कुल 3 करोड़ रुपए दर्ज होने का दावा किया गया है। इसमें खैरागढ़ उपचुनाव के लिए भेजी गई रकम भी शामिल बताई गई है। ईओडब्ल्यू के अनुसार सूर्यकांत तिवारी की ओर से रकम प्राप्त करने और उसके चुनाव संबंधी कार्यों तथा निजी उपयोग में लाए जाने के तथ्य विवेचना में सामने आए।
विनोद तिवारी : 2.12 करोड़ की प्रविष्टियां
विनोद तिवारी के नाम अथवा उनसे जुड़े नामों से जब्त डायरियों में 22 प्रविष्टियों में करीब 2.12 करोड़ रुपए दर्ज हैं। ईओडब्ल्यू के अनुसार सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त करने और राजनीतिक गतिविधियों में उसका इस्तेमाल करने की भूमिका सामने आई है। खैरागढ़ उपचुनाव में होर्डिंग के भुगतान और जिला पंचायत के पदाधिकारियों व सदस्यों के लिए रकम की व्यवस्था का भी उल्लेख है।
रानू साहू के भाई पर संपत्तियों में निवेश का आरोप
पीयूष कुमार साहू की भूमिका अपनी बहन रानू साहू को कोयला लेवी से प्राप्त रकम को परिवार के सदस्यों के नाम संपत्तियों में निवेश कराने के मामले में बताई गई है। ईओडब्ल्यू के मुताबिक परिवार से संबंधित 13 संपत्तियों की खरीदी में बैंक खातों से भुगतान के साथ रजिस्ट्री मूल्य से अधिक नकद भुगतान किया गया। इसके लिए पीयूष और परिवार के सदस्यों के बैंक खातों के इस्तेमाल का भी दावा किया गया है।
रामप्रताप सिंह : 2.93 करोड़ की 25 प्रविष्टियां
जब्त डायरियों में ‘आरपी सिंह’ और ‘आरपी’ नाम से रामप्रताप सिंह से संबंधित 25 प्रविष्टियों में कुल 2.93 करोड़ रुपए दर्ज हैं। ईओडब्ल्यू के अनुसार सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त कर उसका उपयोग व्यक्तिगत खर्च, राजनीतिक गतिविधियों, मीडिया प्रबंधन और वाहन व्यवस्था में किया गया।
जोगेन्दर सिंह : सात फर्मों में करीब 40 करोड़ का लेन-देन
जोगेन्दर सिंह को सूर्यकांत तिवारी का व्यावसायिक साझेदार बताते हुए ईओडब्ल्यू ने जय अम्बे रोड लाइन्स के जरिए नकद रकम की व्यवस्था करने और अपनी फर्मों के खातों से बैंक प्रविष्टियां उपलब्ध कराने की भूमिका बताई है। चालान में सात फर्मों को भेजी गई करीब 40 करोड़ रुपए की राशि और उससे जुड़े लेन-देन का विवरण भी शामिल है।
चंद्रदेव प्रसाद राय : 49.50 लाख की प्रविष्टियां
तत्कालीन बिलाईगढ़ विधायक चंद्रदेव प्रसाद राय से संबंधित चार डायरी प्रविष्टियों में कुल 49.50 लाख रुपए दर्ज होने का उल्लेख है। ईओडब्ल्यू के अनुसार सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त कर उसका इस्तेमाल चुनाव संबंधी खर्चों में किया गया। चालान में सूर्यकांत तिवारी द्वारा उन्हें आभूषण उपलब्ध कराए जाने का भी उल्लेख है।
जयप्रकाश मौर्य : एक करोड़ की प्रविष्टियां
तत्कालीन संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म और आईएएस रानू साहू के पति जयप्रकाश मौर्य से संबंधित दो डायरी प्रविष्टियों में एक करोड़ रुपए दर्ज होने की बात कही गई है। ईओडब्ल्यू के अनुसार सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त करने, खनिज विभाग से जुड़े मामलों में संपर्क रखने और कथित अवैध वसूली की व्यवस्था में सहयोग करने की भूमिका पाई गई। चालान में पैलेट उद्योगपतियों से 100 रुपए प्रति टन की रकम सूर्यकांत तिवारी अथवा उसके लोगों को देने के निर्देश का भी उल्लेख है।
अनुराग चौरसिया : फ्लैट और जमीन में निवेश
ईओडब्ल्यू के अनुसार अनुराग चौरसिया की भूमिका सौम्या चौरसिया को कोयला लेवी से प्राप्त रकम को अपने और परिवार के सदस्यों के नाम फ्लैट व जमीन खरीदने में लगाने में पाई गई। इसके लिए होटल मधुबन और परिवार के सदस्यों के बैंक खातों का इस्तेमाल किए जाने का दावा है। रकम की प्राप्ति, आगे किए गए भुगतान और संपत्तियों में निवेश का विवरण चालान में दिया गया है।
दीपेश टांक : जमीन सौदे में नकद भुगतान
दीपेश टांक की भूमिका भूमि सौदे में रजिस्ट्री मूल्य से अतिरिक्त नकद रकम प्राप्त करने और उसे कृषि आय के रूप में दर्शाने की बताई गई है। भूमि विक्रय के बाद भी उनके ओम एग्रो फार्म के काम और भुगतान से जुड़े रहने का उल्लेख चालान में है।
सुनील कुमार अग्रवाल : वाशरी खरीदी में निवेश
इंद्रमणि समूह के सुनील कुमार अग्रवाल पर सूर्यकांत तिवारी की ओर से भेजी गई नकद रकम अपने पास रखने, उससे आगे भुगतान करने और वाशरी खरीदी में निवेश कराने की भूमिका का आरोप है। चालान में इंद्रमणि समूह से जुड़े लेन-देन, वाशरी और जमीन की खरीदी तथा नकद रकम के उपयोग का विवरण दिया गया है।
राहुल मिश्रा : बड़ी नकद रकम रखने का दावा
राहुल मिश्रा सूर्यकांत तिवारी से जुड़ी निर्माण परियोजनाओं में काम करते थे। ईओडब्ल्यू के अनुसार उनके पास बड़ी मात्रा में नकद रकम रखी जाती थी और जरूरत पड़ने पर निखिल चंद्राकर के माध्यम से यह रकम सूर्यकांत तिवारी को वापस उपलब्ध कराई जाती थी। निर्माण कार्यों के भुगतान और नकदी सुरक्षित रखने में उनकी भूमिका का भी चालान में उल्लेख है।
ईओडब्ल्यू की जांच अभी जारी:
ईओडब्ल्यू ने पूरक चालान में आरोपियों की कथित भूमिकाओं और वित्तीय लेन-देन का विस्तृत ब्योरा दिया है। जांच एजेंसी का कहना है कि मामले में अन्य संभावित संदेहियों और शेष लेन-देन की जांच के लिए न्यायालय की अनुमति से धारा 173(8) के तहत विवेचना आगे जारी है।
