मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के बयान से जुड़े एक वीडियो को एडिट (CM Vishnu Deo Sai Fake Video Case) कर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किए जाने के मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने एफआइआर दर्ज की है। यह कार्रवाई भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी की शिकायत पर की गई है। मामले को मुख्यमंत्री की छवि धूमिल करने और आम जनता में भ्रम फैलाने से जोड़कर देखा जा रहा है।
भाजपा नेताओं के अनुसार, दो दिसंबर को रायगढ़ जिले के बोईरदादर में आयोजित एक सामाजिक सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आदिवासी समाज के युवाओं को उद्योग स्थापित करने के लिए एक रुपये प्रति एकड़ की दर से भूमि उपलब्ध कराने की बात कही थी।
आरोप है कि इसी बयान के वीडियो को जानबूझकर तोड़-मरोड़कर एडिट किया गया और इसे ‘एक रुपये किलो जमीन देने’ के भ्रामक संदर्भ में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।
शिकायत में बताया गया है कि यह एडिटेड वीडियो ‘भूपेश है तो भरोसा है’ और ‘मनीषा गोंड’ नामक फेसबुक पेजों से साझा किया गया। भाजपा का आरोप है कि वीडियो को गलत संदर्भ में प्रस्तुत कर किसानों, आदिवासी समाज और आम जनता को गुमराह करने का प्रयास किया गया।
मामले (CM Vishnu Deo Sai Fake Video Case) को गंभीर बताते हुए रायपुर शहर भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी ने इसे सुनियोजित राजनीतिक साजिश करार देते हुए आईटी एक्ट सहित अन्य सुसंगत धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

