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CJI S. R. Suryakant Winter Hearing : सीजेआइ ने पहली बार सर्दी की छुट्टियों में की सुनवाई, तात्कालिक मामलों पर दिया न्याय

CJI S. R. Suryakant Winter Hearing

CJI S. R. Suryakant Winter Hearing

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI S. R. Suryakant Winter Hearing) सूर्यकांत की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार सर्दी की छुट्टियों में अवकाशकालीन बेंच का गठन किया और तात्कालिक न्यायिक हस्तक्षेप वाले जीवन और स्वतंत्रता से जुड़े मामलों की सुनवाई की। यह कदम न्यायपालिका की सक्रियता और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट सामान्यतः लंबी गर्मी की छुट्टियों के दौरान अवकाशकालीन बेंच चलाती है, जिन्हें अब आंशिक अदालत कार्य दिवस के रूप में नामित किया गया है। लेकिन इस वर्ष यह पहली बार हुआ कि सुप्रीम कोर्ट ने 22 दिसंबर 2025 से 2 जनवरी 2026 तक चल रही क्रिसमस और नए साल की छुट्टियों के दौरान भी बेंच स्थापित की। कोर्ट 5 जनवरी 2026 को फिर से खुलने वाली है।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने 19 दिसंबर को स्पष्ट किया था कि छुट्टियों के दौरान भी तात्कालिक मामलों की सुनवाई के लिए बेंचें बैठेंगी। 22 दिसंबर को सर्दी की छुट्टियों के पहले दिन ही सीजेआइ और जस्टिस जायमाल्या बागची की बेंच ने कुल 17 तात्कालिक मामलों की सुनवाई की, जिसमें कई आपराधिक और दीवानी मामले शामिल थे।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहल न केवल न्यायिक प्रक्रिया को तेज करेगी, बल्कि जनता को अचानक उत्पन्न मामलों में तुरंत राहत भी प्रदान करेगी। सुप्रीम कोर्ट के इस कदम से यह संदेश गया कि न्यायपालिका केवल औपचारिक नहीं है, बल्कि जनता की आकस्मिक जरूरतों पर भी त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय है।

सुनवाई के दौरान मामलों की प्राथमिकता तय करते हुए कोर्ट ने जीवन और स्वतंत्रता से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान दिया। इससे यह भी संकेत मिला कि भविष्य में न्यायपालिका छुट्टियों के दौरान लंबित मामलों के निपटान और तत्काल राहत सुनिश्चित करने के लिए अधिक सक्रिय रूप से कार्य करेगी।

अवकाशकालीन बेंच का गठन किया

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने पहली बार सर्दी की छुट्टियों में अवकाशकालीन बेंच का गठन किया। सीजेआइ और जस्टिस जायमाल्या बागची की बेंच ने 22 दिसंबर 2025 को कुल 17 तात्कालिक मामलों की सुनवाई की, जिसमें आपराधिक और दीवानी मामले शामिल थे। कोर्ट का यह कदम तात्कालिक न्याय और जीवन व स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में तुरंत राहत सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। सुप्रीम कोर्ट 5 जनवरी 2026 को फिर से खुलेगा।

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