Chhattisgarh Water Scheme : छत्तीसगढ़ में ‘हर घर जल’ मिशन की बड़ी कामयाबी, लाखों घरों तक पहुंचा नल से शुद्ध पानी

जल जीवन मिशन शुरू होने से पहले छत्तीसगढ़ में घरेलू नल कनेक्शनों की स्थिति बेहद सीमित (Chhattisgarh Water Scheme) थी। उस समय राज्य में केवल 3 लाख 19 हजार घरों तक ही नल के माध्यम से पानी पहुंचता था। ग्रामीण इलाकों में पेयजल व्यवस्था मुख्य रूप से हैंडपंप और पारंपरिक स्रोतों पर निर्भर थी। लेकिन मिशन की शुरुआत के बाद जल आपूर्ति के बुनियादी ढांचे को तेजी से मजबूत किया गया और दो वर्षों के भीतर नल कनेक्शनों की संख्या कई गुना बढ़ गई

CG News: छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन ने ग्रामीण जीवन की तस्वीर बदलने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। कभी जहां ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल के लिए हैंडपंप या दूरस्थ जलस्रोतों पर निर्भरता सामान्य बात थी, वहीं अब लाखों परिवारों तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंच रहा है। राज्य सरकार के अनुसार जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ में अब तक 41 लाख 87 हजार से अधिक घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं, जिससे 32 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को सीधे घर पर स्वच्छ पानी की सुविधा मिल रही है।

जल जीवन मिशन शुरू होने से पहले छत्तीसगढ़ में घरेलू नल कनेक्शनों की स्थिति बेहद सीमित थी। उस समय राज्य में केवल 3 लाख 19 हजार घरों तक ही नल के माध्यम से पानी पहुंचता था। ग्रामीण इलाकों में पेयजल व्यवस्था मुख्य रूप से हैंडपंप और पारंपरिक स्रोतों पर निर्भर थी। लेकिन मिशन की शुरुआत के बाद जल आपूर्ति के बुनियादी ढांचे को तेजी से मजबूत किया गया और दो वर्षों के भीतर नल कनेक्शनों की संख्या कई गुना बढ़ गई।

‘हर घर जल’ की दिशा में तेज प्रगति (Chhattisgarh Water Scheme)

राज्य में जल जीवन मिशन के अंतर्गत बड़ी संख्या में गांवों को पूर्ण जल कनेक्टिविटी की श्रेणी में शामिल किया गया है। वर्तमान में 6,572 गांवों में शत प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध हो चुके हैं। इनमें से 5,564 गांवों को ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित किया जा चुका है और 4,544 गांवों का औपचारिक प्रमाणीकरण भी हो चुका है। पिछले दो वर्षों में हर घर जल प्रमाणित गांवों की संख्या में लगभग 750 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस मिशन के अंतर्गत 5,088 ग्राम पंचायतों को जलापूर्ति योजनाओं का हस्तांतरण किया गया है। इससे स्थानीय स्तर पर योजनाओं के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी मजबूत हुई है तथा ग्रामीण समुदाय की भागीदारी भी बढ़ी है।

समूह जल योजनाओं से हजारों गांवों को लाभ

ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए समूह जल प्रदाय योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया है। वर्तमान में राज्य में 70 समूह जल प्रदाय योजनाएं निर्माणाधीन हैं, जिनसे 3,208 गांवों को लाभ मिल रहा है। इन योजनाओं के माध्यम से लगभग 9.85 लाख नए नल कनेक्शन जोड़े गए हैं। जल जीवन मिशन से पहले ग्रामीण इलाकों में 3.08 लाख हैंडपंप, 4,440 नलजल योजनाएं और 2,132 स्थल जल प्रदाय योजनाएं संचालित थीं। अब इन पारंपरिक व्यवस्थाओं को आधुनिक पाइपलाइन आधारित जलापूर्ति प्रणाली से जोड़ा जा रहा है ताकि पेयजल आपूर्ति अधिक स्थायी और भरोसेमंद बन सके।

जल गुणवत्ता और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान

जल जीवन मिशन के अंतर्गत केवल जलापूर्ति ही नहीं बल्कि जल गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया (Chhattisgarh Water Scheme) गया है। राज्य में 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं संचालित हैं, जिनमें से 47 को मान्यता प्राप्त है। इन प्रयोगशालाओं के माध्यम से पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच की जा रही है। ग्रामीण नागरिकों की शिकायतों के समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-0008 भी सक्रिय किया गया है, जिससे पेयजल से संबंधित समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।

गुणवत्ता में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जल जीवन मिशन के कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसी नीति के तहत पिछले दो वर्षों में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर 28.38 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा 629 अनुबंध निरस्त किए गए और 11 फर्मों को ब्लैकलिस्ट भी किया गया है। राज्य सरकार का लक्ष्य शेष लगभग 8 लाख नल कनेक्शन प्रदान कर छत्तीसगढ़ को पूर्ण रूप से ‘हर घर जल’ राज्य बनाना है।

अधूरी योजनाओं को शीघ्र पूरा करने और सभी गांवों तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। समग्र रूप से देखें तो जल जीवन मिशन ने छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जीवन में स्वच्छता, स्वास्थ्य और सुविधा का नया अध्याय जोड़ा है। घर तक पहुंचते सुरक्षित पानी ने न केवल महिलाओं और बच्चों के श्रम को कम किया है, बल्कि ग्रामीण विकास की नई संभावनाओं को भी मजबूत आधार प्रदान किया है।

नल-जल योजना से बदली राधाबाई की जिंदगी

भारत सरकार की फ्लैगशिप जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिले कोंडागांव जिले के ग्राम साल्हेभाट में प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराए जाने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। इस योजना ने विशेष रूप से महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।

ग्राम साल्हेभाट निवासी राधाबाई उसेंडी के लिए पहले पानी की व्यवस्था करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। उन्हें प्रतिदिन लगभग 250 मीटर दूर स्थित जल स्रोत से पानी लाना पड़ता था। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, चिलचिलाती धूप एवं शारीरिक श्रम के बीच पानी लाना उनके दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा था, जिससे समय एवं ऊर्जा दोनों का अत्यधिक व्यय होता था।

राधाबाई का परिवार मुख्यतः कृषि एवं सब्जी उत्पादन पर निर्भर है। पानी की कमी के कारण उनकी आजीविका पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था। सीमित जल उपलब्धता उनके कृषि कार्यों एवं परिवार के बेहतर जीवन के सपनों में बाधा बन रही थी।

जल जीवन मिशन के अंतर्गत ‘हर घर नल-जल’ योजना के क्रियान्वयन से गांव में पाइपलाइन बिछाई (Chhattisgarh Water Scheme) गई तथा राधाबाई के घर तक नल कनेक्शन प्रदान किया गया। घर के आंगन में नल से नियमित एवं स्वच्छ जल की उपलब्धता ने उनके जीवन को सहज एवं सुलभ बना दिया है।

अब राधाबाई को पानी के लिए दूर नहीं जाना पड़ता। इससे उनके समय की बचत हो रही है, स्वास्थ्य में सुधार हुआ है तथा वे अपने कृषि कार्यों पर अधिक ध्यान दे पा रही हैं। उनके खेत-खलिहान अब पहले से अधिक हरे-भरे हो गए हैं और परिवार की आय में भी वृद्धि हो रही है। राधाबाई बताती हैं कि “पहले पानी लाना सबसे बड़ी समस्या थी, अब घर में ही पानी मिलने से जीवन आसान हो गया है और हम अपने काम बेहतर तरीके से कर पा रहे हैं।”

जल जीवन मिशन केवल पेयजल उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर में सुधार, महिलाओं के सशक्तिकरण एवं सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।

मगरलोटा में जल जीवन मिशन से आई खुशहाली

विकासखंड राजनांदगांव के ग्राम पंचायत मगरलोटा में जल प्रबंधन एवं शुद्ध पेयजल आपूर्ति के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला है। शासन की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से अब ग्राम के प्रत्येक घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है। योजना के लागू होने से पहले ग्राम की महिलाएं पेयजल के लिए हैंडपंपों एवं दूर-दराज के जल स्रोतों पर निर्भर थीं। विशेषकर गर्मी के दिनों में पानी की समस्या और अधिक बढ़ जाती थी। जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन विस्तार एवं घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जाने के बाद अब ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को पेयजल की व्यवस्था हेतु कठिन परिश्रम से मुक्ति मिली है।

ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के सक्रिय सहयोग से गांव के स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं अन्य सार्वजनिक भवनों में भी नल कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। स्वच्छ पेयजल मिलने से जलजनित बीमारियों में कमी आई है। साथ ही गांव की महिलाओं को फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से पानी की गुणवत्ता जांचने का प्रशिक्षण भी दिया गया है, जिससे वे स्वयं जल की शुद्धता सुनिश्चित कर रही हैं।

ग्राम पंचायत मगरलोटा के सरपंच एवं जल समिति के सदस्यों ने बताया कि जल जीवन मिशन ने केवल पाइपलाइन ही नहीं बिछाई, बल्कि ग्रामीणों के जीवन स्तर को भी बेहतर बनाया है। अब घरों तक नल से पानी पहुंचने के कारण समय की बचत हो रही है, जिसका उपयोग महिलाएं आयमूलक गतिविधियों में कर रही हैं। ग्राम में सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से योजना का बेहतर रखरखाव सुनिश्चित किया जा रहा है। साथ ही अपशिष्ट जल प्रबंधन के तहत नलों से निकलने वाले अतिरिक्त पानी के निपटान के लिए सोख्ता गड्ढों का निर्माण किया गया है।

नल का जल बना सहारा, राधिका की बदली जिंदगी

खरसिया विकासखंड के ग्राम पंचायत सोनबरसा के आश्रित ग्राम आड़ाझर में जल जीवन मिशन के तहत (Chhattisgarh Water Scheme) हुए कार्यों ने ग्रामीणों के जीवन में बड़ा परिवर्तन लाया है। इस बदलाव की एक सशक्त मिसाल हैं राधिका साहू, जिनके घर नल कनेक्शन मिलने से उनकी दिनचर्या पूरी तरह आसान हो गई है।

पहले राधिका साहू को प्रतिदिन लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित कुएं से पानी लाना पड़ता था। दिन में तीन से चार बार भारी बर्तनों में पानी भरकर लाना उनके लिए बेहद कठिन काम था। गर्मी के मौसम में पानी की कमी के कारण स्थिति और गंभीर हो जाती थी, जिससे उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ता था। जल जीवन मिशन के अंतर्गत गांव में पाइपलाइन बिछाकर घर-घर नल कनेक्शन दिए गए। राधिका साहू के घर में भी नल से पानी की सुविधा मिलने लगी।

अब उन्हें पानी के लिए दूर नहीं जाना पड़ता, जिससे उनका समय और श्रम दोनों बच रहे हैं। वे अब अपने घर के काम अधिक व्यवस्थित तरीके से कर पा रही हैं और बच्चों की पढ़ाई व देखभाल पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। राधिका साहू बताती हैं कि अब पानी की चिंता खत्म हो गई है और जीवन पहले की तुलना में अधिक सरल और सुगम हो गया है। यह योजना न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे गांव के लिए एक बड़ी राहत साबित हुई है।

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