नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) में आयोजित तीन दिवसीय डीजीपी–आईजी सम्मेलन का रविवार को समापन हुआ। इस उच्चस्तरीय आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीनों दिन मौजूद रहे। ब
स्तर में जारी माओवादी हिंसा उन्मूलन अभियान और छत्तीसगढ़ पुलिस के उत्कृष्ट प्रदर्शन की खुलकर तारीफ की गई (Chhattisgarh Model State)। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की प्रशंसा ने पुलिस बल में नया उत्साह और आत्मविश्वास पैदा किया।
उच्च अधिकारियों के अनुसार, सम्मेलन के तीन दिनों में हुई गहन चर्चा, प्रेजेंटेशन और सुझावों के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे अब केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला होगा कि देश का अगला माडल स्टेट कौन होगा। माना जा रहा है कि माओवादी विरोधी मोर्चे पर लगातार उपलब्धियां और बस्तर में सुरक्षा स्थिति में आए बड़े बदलाव के चलते छत्तीसगढ़ इस दौड़ में सबसे आगे है।
सम्मेलन में सभी राज्यों के पुलिस प्रमुखों ने कानून-व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा, उभरती चुनौतियां, साइबर अपराध तथा माओवाद उन्मूलन पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिए। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh Model State) की ओर से डीजीपी अरुण देव गौतम, एडीजी माओवादी ऑपरेशन विवेकानंद, सरगुजा IG दीपक झा और बीजापुर बटालियन के कमांडेंट मयंक गुर्जर ने प्रस्तुति दी। पीएम मोदी ने कहा कि माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से विकास और सुरक्षा बलों की समन्वित कार्रवाई ने छत्तीसगढ़ को नई दिशा दी है। वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर मॉडल अब देश के अन्य माओवादी क्षेत्रों के लिए प्रेरक उदाहरण बन गया है ।
लोगों का भरोसा जीतने के लिए रोडमैप जरूरी
प्रधानमंत्री मोदी ने सुझाव दिया कि जिन इलाकों से माओवादी हिंसा लगभग समाप्त हो चुकी है, वहां जनता का भरोसा जीतने के लिए स्पष्ट रोडमैप बनाकर काम करना होगा। गृह मंत्री शाह ने कहा कि अगला डीजीपी–आईजी सम्मेलन होने से पहले देश पूरी तरह माओवादमुक्त होगा। एक समय 126 जिले माओवादी हिंसा की चपेट में थे, जो अब घटकर केवल 11 रह गए हैं।
पाकिस्तान–बांग्लादेश सीमा सुरक्षा की समीक्षा
सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ सहित सभी CAPF अधिकारियों के साथ पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा व्यवस्था पर भी समीक्षा बैठक की। हाल ही में इन बलों द्वारा किए गए सफल अभियानों की जानकारी भी उन्हें प्रस्तुत की गई।
