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Chhattisgarh Liquor Scam Breaking : 2,500 करोड़ के शराब घोटाले में सौम्या ने कमाएं इतने करोड़…! पढ़ें ED की जारी प्रेस नोट…

Chhattisgarh Liquor Scam Breaking

Chhattisgarh Liquor Scam Breaking

प्रवर्तन निदेशालय (ED), रायपुर जोनल कार्यालय ने बहुचर्चित छत्तीसगढ़ शराब घोटाला (Chhattisgarh Liquor Scam) मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सौम्या चौरसिया को 16 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया है।

यह गिरफ्तारी धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (PMLA) के तहत की गई। सौम्या चौरसिया को विशेष न्यायालय (PMLA), रायपुर में पेश किया गया, जहां से उन्हें 19 दिसंबर 2025 तक तीन दिन की ईडी रिमांड पर भेजा गया है।

Chhattisgarh Liquor Scam

शुक्रवार को ED द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि यह जांच एसीबी/ईओडब्ल्यू, रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी, जो भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत पंजीबद्ध है। जांच में सामने आया कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाला (Chhattisgarh Liquor Scam) राज्य के खजाने को भारी नुकसान पहुंचाने वाला संगठित अपराध था।

इसमें 2,500 करोड़ रुपये से अधिक की अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime – POC) पैदा की गई, जिसे सुनियोजित तरीके से विभिन्न लाभार्थियों तक पहुंचाया गया।

ईडी की जांच के अनुसार, सौम्या चौरसिया को इस घोटाले से करीब 115.5 करोड़ रुपये की अवैध राशि प्राप्त हुई थी। डिजिटल रिकॉर्ड, जब्त दस्तावेज और लिखित बयानों से यह स्पष्ट हुआ है कि वे शराब सिंडिकेट की सक्रिय सहयोगी थीं।

डिजिटल साक्ष्यों में यह भी पुष्टि हुई है कि सौम्या चौरसिया सिंडिकेट की केंद्रीय समन्वयक की भूमिका में थीं और अनिल टुटेजा व चैतन्य बघेल के बीच मध्यस्थ बनकर अवैध धन के सृजन और धन शोधन (Money Laundering) को आगे बढ़ा रही थीं।

बरामद चैट्स से यह भी उजागर हुआ है कि सिंडिकेट के शुरुआती गठन में उनकी अहम भूमिका रही, जिसमें आबकारी विभाग में प्रभावशाली पदस्थापन से जुड़ी गतिविधियां भी शामिल थीं।

इससे पहले इस मामले में कई वरिष्ठ अधिकारी, कारोबारी और राजनीतिक हस्तियां गिरफ्तार की जा चुकी हैं। ईडी के अनुसार, छत्तीसगढ़ शराब घोटाला (Chhattisgarh Liquor Scam) मामले में आगे की जांच लगातार जारी है।

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