छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के लिए एक बड़ी राहत और भरोसे का संदेश उस वक्त सामने (Chhattisgarh Labour Scheme) आया, जब विष्णु देव साय ने एक क्लिक में हजारों परिवारों तक आर्थिक मदद पहुंचा दी। जशपुर में आयोजित श्रमिक सम्मेलन के दौरान 79,340 निर्माण श्रमिकों और उनके परिजनों के खातों में 27.15 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए।
DBT से सीधे खाते में पहुंची सहायता (Chhattisgarh Labour Scheme)
यह राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के जरिए सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में भेजी गई, जिससे पारदर्शिता और भरोसे को मजबूती मिली। कार्यक्रम में लखनलाल देवांगन की मौजूदगी में सरकार की श्रमिक हितैषी योजनाओं को विस्तार से साझा किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब योजनाओं का पैसा बिना किसी बिचौलिये के सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रहा है, जिससे सिस्टम में पारदर्शिता आई है और श्रमिकों का भरोसा बढ़ा है।
श्रमिकों के लिए कई बड़ी योजनाओं का लाभ
सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें बच्चे के जन्म पर 20 हजार रुपये की सहायता, मकान निर्माण के लिए 1.5 लाख रुपये तक की मदद और स्वरोजगार के लिए ई-रिक्शा खरीद पर बढ़ी हुई सब्सिडी शामिल है।
इसके अलावा शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 10वीं और 12वीं में टॉप-10 में आने वाले श्रमिकों के बच्चों को 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। साथ ही निजी स्कूलों में पढ़ाई के लिए सीटों की संख्या भी बढ़ाकर 200 कर दी गई है।
भूमिहीन मजदूरों के लिए भी बड़ी राहत
मुख्यमंत्री ने बताया कि “दीनदयाल भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना” के तहत भूमिहीन मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। हाल ही में लाखों लाभार्थियों को करीब 495 करोड़ रुपये की राशि भी ट्रांसफर की गई है।
अफवाहों पर न दें ध्यान, CM की अपील
पश्चिम एशिया में चल रहे हालात को लेकर मुख्यमंत्री ने साफ किया कि राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर भरोसा न करें और अनावश्यक भंडारण से बचें।
श्रमिक ही विकास की असली ताकत
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य के विकास की नींव श्रमिकों के मेहनत और योगदान पर टिकी है। सरकार उनकी आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक स्थिति को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है।
प्रदेशभर में होंगे श्रमिक सम्मेलन
कार्यक्रम में श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने बताया कि पूरे प्रदेश में श्रमिक सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचे और उन्हें लाभ मिल सके।
