छत्तीसगढ़ में सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाएं अब लाखों परिवारों की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार (Chhattisgarh Government Schemes) बन चुकी हैं। राज्य में महिलाओं, किसानों, छात्रों, श्रमिकों और बुजुर्गों को ध्यान में रखते हुए 25 से अधिक योजनाएं लागू की गई हैं,
जिनका उद्देश्य लोगों को आर्थिक सहायता, स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। इन योजनाओं के जरिए राज्य में न केवल जीवन स्तर में सुधार हो रहा है, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिल रहा है।
महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई महतारी वंदन योजना राज्य की सबसे प्रमुख योजनाओं में शामिल है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1000 की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में दी जा रही है। इस योजना से लाखों महिलाओं को नियमित आर्थिक सहयोग मिल रहा है, जिससे वे अपने दैनिक खर्च और जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर पा रही हैं।
इसके अलावा लाड़ली लक्ष्मी योजना के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए जन्म से लेकर 21 वर्ष की आयु तक आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है,
जिससे बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा मिला है और समाज में सकारात्मक बदलाव देखने (Chhattisgarh Government Schemes) को मिल रहा है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना भी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सहारा बनी है, जिसमें पात्र कन्याओं के विवाह के लिए ₹50,000 तक की सहायता प्रदान की जाती है।
किसानों के लिए लागू की गई योजनाओं ने कृषि क्षेत्र को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों को फसल उत्पादन के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे खेती की लागत कम करने में मदद मिली है।
वहीं गोधन न्याय योजना के माध्यम से पशुपालकों से गोबर खरीदा जा रहा है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय का स्रोत मिला है और जैविक खेती को भी बढ़ावा मिला है। सौर सुजला योजना के जरिए किसानों को रियायती दर पर सोलर पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे सिंचाई व्यवस्था मजबूत हुई है और बिजली पर निर्भरता कम हुई है।
छात्रों और युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए भी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ज्ञान प्रोत्साहन योजना के तहत मेधावी छात्रों को प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जबकि राज्य छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से विभिन्न वर्गों के छात्रों को आर्थिक सहायता मिल रही है।
राजीव युवा उत्थान योजना के जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को कोचिंग और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिल रहा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान भारत योजना और डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत दी है। इन योजनाओं के तहत पात्र परिवारों को लाखों रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक बोझ कम हुआ है।
मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना के माध्यम से दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके क्षेत्र में ही स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
श्रमिकों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की गई हैं। ई-श्रम कार्ड योजना के जरिए श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा और दुर्घटना बीमा का लाभ मिल (Chhattisgarh Government Schemes) रहा है,
वहीं श्रमिक कार्ड के माध्यम से शिक्षा, विवाह और स्वास्थ्य से संबंधित आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसके अलावा पेंशन योजनाओं के जरिए बुजुर्गों, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों को मासिक आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने में मदद मिल रही है।
सरकार द्वारा संचालित इन योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। इन पहलों के माध्यम से छत्तीसगढ़ में सामाजिक सुरक्षा का दायरा लगातार बढ़ रहा है और राज्य के नागरिकों को जीवन के हर क्षेत्र में मजबूती मिल रही है।
आने वाले समय में भी सरकार द्वारा नई योजनाएं लागू करने और मौजूदा योजनाओं को और प्रभावी बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है, जिससे राज्य के लोगों को अधिकतम लाभ मिल सके।

