छत्तीसगढ़ को मिला पहला शासकीय होम्योपैथी कॉलेज, 63 सीटों पर होगा प्रवेश

नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ में आयुष चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक नई शुरुआत होने जा रही है। नवा रायपुर स्थित यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ होम्योपैथी को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BHMS) पाठ्यक्रम की 63 सीटों पर प्रवेश की सशर्त अनुमति मिल गई है। राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग, नई दिल्ली के चिकित्सा आकलन एवं रेटिंग बोर्ड (MARBH) ने 12 अक्टूबर को अनुमति पत्र जारी किया।

राज्य के पहले नवीन शासकीय होम्योपैथी महाविद्यालय को इसी सत्र से प्रवेश की अनुमति मिलने से चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर खुलेंगे। इससे प्रदेश के विद्यार्थियों को होम्योपैथी चिकित्सा में स्नातक की पढ़ाई के लिए एक नया विकल्प उपलब्ध होगा।

राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग ने किया था निरीक्षण

महाविद्यालय की स्थापना और बीएचएमएस पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए दिए गए आवेदन का राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग के चिकित्सा आकलन एवं रेटिंग बोर्ड ने परीक्षण किया था। इसके तहत आयोग की टीम ने 21 और 22 जुलाई 2026 को कॉलेज का निरीक्षण किया।

निरीक्षण रिपोर्ट, उपलब्ध संसाधनों, निर्धारित मानकों और सुनवाई के दौरान प्रस्तुत अनुपालन संबंधी विवरणों की समीक्षा के बाद बोर्ड ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 63 सीटों पर प्रवेश की सशर्त अनुमति प्रदान की।

15 प्रतिशत सीटें ऑल इंडिया कोटे के लिए आरक्षित

कॉलेज में बीएचएमएस पाठ्यक्रम की कुल 63 सीटों पर प्रवेश होगा। सीटों का आवंटन निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाएगा।

स्वीकृत प्रवेश क्षमता में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) की सीटें भी शामिल हैं। प्रवेश की प्रक्रिया संबंधित काउंसलिंग प्राधिकरण के नियमों के अनुसार संचालित की जाएगी।

आयुष चिकित्सा शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से महाविद्यालय को प्रवेश की अनुमति मिलना प्रदेश में आयुष चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नए महाविद्यालय से विद्यार्थियों को होम्योपैथी चिकित्सा में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही, प्रदेश में आयुष चिकित्सा पद्धतियों को प्रोत्साहित करने और चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर विकसित करने में भी मदद मिलेगी।

राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग से मिली सशर्त अनुमति के बाद अब नवा रायपुर के इस महाविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया का रास्ता खुल गया है।

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