छत्तीसगढ़ में फिल्म उद्योग को नई गति देने और राज्य को फिल्म निर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में आज महत्वपूर्ण पहल (Chhattisgarh Film Policy) देखने को मिली। छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड में राज्य की फिल्म पॉलिसी को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य फिल्म नीति के प्रावधानों की जानकारी साझा करना, उद्योग से जुड़े हितधारकों के सुझाव प्राप्त करना तथा फिल्म निर्माण के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना रहा।
बैठक में हिंदी, क्षेत्रीय भाषा और ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए बनने वाली फिल्मों को प्रोत्साहित करने हेतु राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सब्सिडी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि नई फिल्म पॉलिसी के तहत राज्य में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक सहायता, तकनीकी सुविधाएं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है, ताकि फिल्म निर्माता छत्तीसगढ़ को शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में प्राथमिकता दें।
संस्कृति विभाग के निदेशक एवं पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से सब्सिडी प्राप्त करने की प्रक्रिया, पात्रता मानदंड, आवेदन की समय-सीमा और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी और पात्र आवेदकों को निर्धारित नियमों के अनुसार लाभ प्रदान किया जाएगा।
बैठक में सिनेमा घरों के निर्माण पर मिलने वाली सब्सिडी, पुराने सिनेमाघरों के उन्नयन एवं मरम्मत कार्यों के लिए वित्तीय सहायता तथा फिल्म शूटिंग उपकरणों की खरीदी पर अनुदान जैसे महत्वपूर्ण प्रावधानों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इससे राज्य के स्थानीय निवेशकों और फिल्म उद्यमियों को भी नए अवसर मिलने की उम्मीद जताई गई।
फिल्मकारों ने रखीं जमीनी समस्याएं
बैठक में शामिल फिल्म निर्माताओं और कलाकारों ने शूटिंग परमिशन, लोकेशन समन्वय, तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता और स्थानीय स्तर पर समन्वय से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। इन मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई और समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया गया। प्रतिभागियों ने कहा कि पहली बार फिल्म पॉलिसी को लेकर इस प्रकार का खुला और विस्तृत संवाद आयोजित किया गया है, जिससे उद्योग जगत में भरोसा मजबूत हुआ है।
फिल्म सिटी और फिल्म टूरिज्म पर सरकार का फोकस
बैठक के दौरान राज्य में प्रस्तावित फिल्म सिटी परियोजना की प्रगति पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक लोकेशन, सांस्कृतिक विविधता और पर्यटन स्थलों को फिल्म टूरिज्म से जोड़ने की योजना पर काम किया जा रहा है। इससे न केवल फिल्म उद्योग को नई पहचान मिलेगी बल्कि पर्यटन और स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
बैठक में प्रेमचंद्राकर, भूपेंद्र साहू, मोहित साहू, अनुज शर्मा, मोहन सुंदरानी, लखी सुंदरानी, मनोज वर्मा, राज वर्मा, सतीश जैन, रॉकी दसवानी, अनुपम वर्मा, गायत्री केशरवानी, संतोष जैन, अनुमोद राजवैद्य, प्रकाश अवस्थी सहित अनेक फिल्म निर्माता, प्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का समापन सकारात्मक माहौल में हुआ, जहां सभी हितधारकों ने छत्तीसगढ़ में फिल्म उद्योग के समग्र विकास के लिए मिलकर कार्य करने और राज्य को राष्ट्रीय फिल्म मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने का संकल्प व्यक्त किया।

