Chhattisgarh Budget 2026-27 : 700 नए स्कूल भवन और यूनिटी मॉल से बदलेगा छत्तीसगढ़ का भविष्य

बजट 2026-27 में शिक्षा, कौशल और कारीगरों को मिला मजबूत आधार

छत्तीसगढ़ के बजट 2026-27 ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले वर्षों में प्रदेश का विकास शिक्षा, कौशल और स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूती पर आधारित (Chhattisgarh Budget 2026-27) होगा। राज्य सरकार ने इस बजट में शिक्षा अधोसंरचना को मजबूत करने, उत्कृष्ट विद्यालयों की स्थापना करने और पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक बाजार से जोड़ने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं। इन फैसलों का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास की रोशनी पहुंचाना है।

प्रदेश में अब कोई भी विद्यालय भवन के अभाव में संचालित न हो, इसके लिए 700 नए स्कूल भवनों के निर्माण हेतु 123 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इनमें प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक के विद्यालय शामिल हैं। यह कदम विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए लाभकारी साबित होगा, जहां अब तक अधोसंरचना की कमी शिक्षा में बाधा बनती रही है।

इसके साथ ही “स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना” के तहत प्रथम चरण में 150 विद्यालयों को उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में विकसित करने के लिए 100 करोड़ रुपये निर्धारित (Chhattisgarh Budget 2026-27) किए गए हैं। इन विद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण का निर्माण किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धात्मक शिक्षा मिल सके।

बस्तर क्षेत्र में शिक्षा को नई दिशा देने के लिए अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो एजुकेशन सिटी स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन एजुकेशन सिटी में स्कूल, आईटीआई, छात्रावास और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में बेहतर शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण मिल सकेगा। यह पहल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

राजधानी रायपुर में हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए यूनिटी मॉल का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए बजट में 93 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह मॉल प्रदेश के कारीगरों के लिए स्थायी विपणन मंच प्रदान करेगा, जहां उनके उत्पादों को व्यापक पहचान और बाजार मिल सकेगा। इसके अलावा पारंपरिक शिल्प को आधुनिक स्वरूप देने के लिए ग्लेजिंग यूनिट की स्थापना भी की जाएगी, जिससे कारीगरों की आय और अवसर दोनों में वृद्धि होगी।

बजट में किए गए ये प्रावधान इस बात का संकेत हैं कि छत्तीसगढ़ अब शिक्षा, कौशल और स्थानीय संसाधनों को आधार बनाकर विकास की नई दिशा में आगे (Chhattisgarh Budget 2026-27) बढ़ रहा है। यह बजट प्रदेश के युवाओं, विद्यार्थियों और कारीगरों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलते हुए आत्मनिर्भर और समृद्ध छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव तैयार करेगा।

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