CG Sushasan Tihar 2026: खेत और किसान पर सीधा फोकस, सरकार अब गांव तक जाकर करेगी काम

छत्तीसगढ़ में इस बार CG Sushasan Tihar 2026 को लेकर गांवों में अलग ही माहौल देखने को मिल रहा है। खेत और खलिहान से जुड़े मुद्दों पर सीधा काम होने की बात सामने आते ही किसानों में उम्मीद भी जगी है और उत्सुकता भी बढ़ी है। कई इलाकों में लोग यही कहते नजर आ रहे हैं कि अगर इस बार सच में जमीन से जुड़े मामले निपटे तो राहत मिल सकती है।

ग्रामीण इलाकों में अक्सर राजस्व से जुड़े कामों को लेकर जो परेशानी बनी रहती है, उसी को ध्यान में रखते हुए इस बार सरकार का फोकस थोड़ा ज्यादा जमीन पर दिख रहा है। लोगों का कहना है कि कागजों में नहीं, बल्कि मौके पर समाधान हुआ तो ही इसका असर दिखेगा। यही वजह है कि CG Sushasan Tihar 2026 को लेकर गांव-गांव में चर्चा तेज है।

राजस्व मामलों पर सख्ती (CG Sushasan Tihar 2026)

एक मई से लेकर 10 जून तक प्रदेश में यह अभियान चलेगा, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय खुद लोगों के बीच जाकर कामकाज की स्थिति देखेंगे। शिविरों में पहुंचकर सिर्फ योजनाओं की जानकारी ही नहीं, बल्कि अधिकारियों के काम का भी आकलन किया जाएगा। अगर प्रमुख बिंदुओं पर नजर डालें तो नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे मामलों को इस बार केंद्र में रखा गया है। सरकार ने साफ संकेत दिया है कि काम को टालने वाले अफसरों के लिए अब जगह नहीं है और तय समय में काम पूरा करना जरूरी होगा।

अधिकारियों को साफ संदेश (CG Sushasan Tihar 2026)

मुख्यमंत्री ने कलेक्टर स्तर तक स्पष्ट कर दिया है कि अब काम का परिणाम दिखना चाहिए। समय पर काम करने वाले अधिकारी ही प्राथमिकता में रहेंगे। इससे साफ है कि इस बार CG Sushasan Tihar 2026 सिर्फ औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि कड़े मॉनिटरिंग वाला अभियान बनने जा रहा है। गांवों में लंबे समय से किसानों को राजस्व मामलों में दिक्कत झेलनी (CG Sushasan Tihar 2026) पड़ती रही है। कई बार छोटे मामलों के लिए भी लोगों को कोर्ट तक जाना पड़ता है। इसी स्थिति को देखते हुए इस बार सरकार ने किसानों को केंद्र में रखकर योजना तैयार की है।

पेंडेंसी पर फोकस

राजस्व विभाग में नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के मामलों की संख्या काफी ज्यादा है। अगर दोनों पक्ष सहमत हों तो ये मामले जल्दी सुलझ सकते हैं, लेकिन अक्सर इन्हें लंबा खींच दिया जाता है। इसी कारण आम लोगों और किसानों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। सरकार ने इस स्थिति को देखते हुए तय किया है कि इन मामलों को समय सीमा में निपटाया जाएगा ताकि लोगों को राहत मिल सके।

CG Sushasan Tihar 2026 का असली लक्ष्य

इस पूरे अभियान का उद्देश्य प्रशासन को ज्यादा मजबूत और असरदार (CG Sushasan Tihar 2026) बनाना है। 30 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाकर लंबित मामलों को तेजी से निपटाने पर जोर दिया गया है। इस दौरान नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन के साथ-साथ प्रमाण पत्र और अन्य सेवाओं से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के साथ समाधान किया जा रहा है।

गांव और वार्ड स्तर पर समाधान

1 मई से 10 जून तक चलने वाले इस अभियान में ग्राम पंचायत और शहरी वार्ड स्तर पर समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने की व्यवस्था रखी गई है। जमीन से जुड़े मामलों के साथ अन्य जनसेवा से जुड़े मुद्दों को भी वहीं हल करने की कोशिश होगी। अगर योजना सही तरीके से लागू होती है तो किसानों के लिए यह अभियान काफी राहत देने वाला साबित हो सकता है।

पारदर्शिता और सरल सेवाओं पर जोर

मुख्यमंत्री पहले ही कह चुके हैं कि आम लोगों को सरल और पारदर्शी सेवाएं देना सरकार की प्राथमिकता है। पिछले साल के अनुभव को देखते हुए इस बार इसे और बड़े स्तर पर लागू किया जा रहा है।

सुशासन तिहार से पहले तैयारी

30 अप्रैल तक जिलों में लंबित मामलों को खत्म करने के लिए विशेष ड्राइव चल रही है। इसमें भूमि से जुड़े मामलों के अलावा मनरेगा मजदूरी, प्रमाण पत्र, बिजली समस्या, ट्रांसफार्मर और हैंडपंप जैसी समस्याओं पर भी काम किया (CG Sushasan Tihar 2026) जा रहा है। साथ ही पात्र लोगों को उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत और सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ दिलाने पर भी जोर दिया गया है।

शिविरों के जरिए समाधान

प्रदेशभर में जन समस्या निवारण शिविर लगाए जाएंगे, जहां ग्रामीण इलाकों में पंचायत समूह और शहरी क्षेत्रों में वार्ड स्तर पर कैंप होंगे। इन शिविरों में न सिर्फ शिकायतों का समाधान होगा बल्कि योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। पात्र लोगों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ देने की व्यवस्था भी की जा रही है।

आवेदन पर समय सीमा तय

शिविरों में आने वाले आवेदनों को एक महीने के भीतर निपटाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही हर आवेदक को उसके आवेदन की स्थिति की जानकारी भी दी जाएगी। इस दौरान मंत्री, सांसद, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर शिविरों का निरीक्षण करेंगे और लोगों से सीधे बात करेंगे।

सीएम का दौरा और फीडबैक

अभियान के दौरान मुख्यमंत्री अलग-अलग जिलों में जाकर योजनाओं की स्थिति देखेंगे। लोगों से सीधे बातचीत कर फीडबैक लेंगे और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी करेंगे। निरीक्षण के बाद सरकार आगे की रणनीति भी तय करेगी और जरूरत के अनुसार सुधार किए जाएंगे।

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