छत्तीसगढ़ सरकार ने सार्वजनिक उपक्रमों को आर्थिक रूप से बेहद मजबूत, आधुनिक और पूरी तरह पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा और क्रांतिकारी कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की अहम बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ (Initial Public Offering – IPO) के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज (Share Market) में सूचीबद्ध यानी लिस्टेड किए जाने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है।
इस दूरगामी निर्णय के लागू होते ही छत्तीसगढ़ देश के उन चुनिंदा और गिने-चुने राज्यों की फेहरिस्त में शामिल हो जाएगा, जिसकी कोई सरकारी बिजली कंपनी शेयर बाजार का हिस्सा बनने जा रही है। अब तक बड़े-बड़े निजी कॉपोरेट घराने ही बाजार से पूंजी जुटाते थे, लेकिन अब छत्तीसगढ़ की यह सरकारी कंपनी भी उसी राह पर आगे बढ़ेगी।
आम जनता और घरेलू निवेशकों की खुलेगी किस्मत : CG Power Transmission IPO Launch
सरकार का स्पष्ट मानना है कि इस ऐतिहासिक कदम से न केवल पावर ट्रांसमिशन कंपनी की वित्तीय क्षमता (Financial Capability) और कार्यप्रणाली की पारदर्शिता को नई मजबूती मिलेगी, बल्कि प्रदेश के आम नागरिकों, छोटे व्यापारियों और स्थानीय घरेलू निवेशकों को भी एक बहुत बड़ा तोहफा मिलेगा। छत्तीसगढ़ की जनता को इस सरकारी कंपनी की विकास यात्रा में सीधे तौर पर भागीदार (शेयरहोल्डर) बनने और सुरक्षित निवेश के जरिए मुनाफा कमाने का सुनहरा अवसर हासिल होगा।
संचालक मंडल को मिली पूरी जिम्मेदारी
कैबिनेट ने इस आईपीओ को लाने से जुड़ी तमाम आवश्यक कानूनी, वित्तीय और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए कंपनी के संचालक मंडल (Board of Directors) को पूरी तरह अधिकृत कर दिया है। जल्द ही मर्चेंट बैंकर्स और वित्तीय सलाहकारों की नियुक्ति कर आगे की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि बिजली कंपनी के लिस्टेड होने से जवाबदेही (CG Power Transmission IPO Launch) बढ़ेगी और छत्तीसगढ़ में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए बाजार से सीधा फंड मिल सकेगा। इससे बिजली व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी, जिसका सीधा फायदा राज्य के उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति के रूप में मिलेगा।
