CG Nursing Council Registrar Suspended : छत्तीसगढ़ नर्सिंग काउंसिल की रजिस्ट्रार दुर्गावती कुंजाम सस्पेंड, फर्जी मान्यता के खेल का हुआ खुलासा

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग में एक बार फिर बड़ी हलचल मच गई है। राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए छत्तीसगढ़ नर्सिंग काउंसिल की रजिस्ट्रार दुर्गावती कुंजाम को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। उन पर नर्सिंग कॉलेजों को फर्जी तरीके से मान्यता देने और पैसों के लेनदेन (वित्तीय अनियमितता) के बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। इस कार्रवाई के बाद से पूरे विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

फर्जी मान्यता और पैसों का हेरफेर पड़ा भारी (CG Nursing Council Registrar Suspended)

जानकारी के मुताबिक, रजिस्ट्रार दुर्गावती कुंजाम के खिलाफ पिछले काफी समय से शिकायतें मिल रही थीं। आरोप है कि उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर कई ऐसे नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता दे दी, जिनके पास न तो ढंग का इंफ्रास्ट्रक्चर था और न ही जरूरी सुविधाएं। इसके अलावा, काउंसिल के बजट और फंड में भी भारी गड़बड़ी की बात सामने आई है। शुरुआती जांच में जब इन आरोपों में दम दिखा, तो शासन ने बिना देर किए निलंबन का आदेश जारी कर दिया।

CG Nursing Council Registrar Suspended

सरकार ने जारी किया सख्त आदेश

निलंबन आदेश में साफ कहा गया है कि रजिस्ट्रार ने अपने पद का दुरुपयोग किया और शासकीय कार्यों में लापरवाही बरती। नर्सिंग काउंसिल जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में इस तरह की वित्तीय अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। सस्पेंशन की अवधि के दौरान दुर्गावती कुंजाम का मुख्यालय संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं (रायपुर) तय किया गया है। अब एक उच्च स्तरीय कमेटी इस पूरे घोटाले की गहराई से जांच करेगी।

छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ पर एक्शन

बताया जा रहा है कि फर्जी कॉलेजों को मान्यता मिलने की वजह से हजारों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया था। नर्सिंग काउंसिल की जिम्मेदारी होती है कि वह पढ़ाई और ट्रेनिंग के मानकों को चेक करे, लेकिन रजिस्ट्रार पर आरोप है कि उन्होंने ‘बंद कमरों’ में बैठकर ही फाइलों को ओके कर दिया। अब जांच इस बात पर भी होगी कि इस खेल में उनके साथ और कौन-कौन से बड़े अफसर या नेता शामिल थे।

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