छत्तीसगढ़

CG Cabinet Decisions 2026 : विष्णु देव साय कैबिनेट के 7 ऐतिहासिक फैसले, छत्तीसगढ़ पावर कंपनी का आएगा IPO, वैकल्पिक फसल उगाने वाले किसानों को 15,000 प्रति एकड़ देगी सरकार

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ के आर्थिक, कृषि और बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर कई युगांतरकारी और बड़े फैसले लिए ( CG Cabinet Decisions 2026) गए हैं। कैबिनेट ने बिजली कंपनियों में पारदर्शिता बढ़ाने से लेकर किसानों की आय दोगुनी करने तथा राज्य में अवैध उत्खनन पर पूरी तरह लगाम कसने के लिए कड़े नीतिगत संशोधनों को हरी झंडी दे दी है। इस उच्च स्तरीय बैठक में कुल 7 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई, जिसके दूरगामी परिणाम आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर दिखाई देंगे।

  1. शेयर बाजार में कदम रखेगी छत्तीसगढ़ की बिजली कंपनी, आम जनता बन सकेगी भागीदार ( CG Cabinet Decisions 2026)
    राज्य सरकार ने सार्वजनिक उपक्रमों को मजबूत और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ (Initial Public Offering – IPO) के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध (लिस्टेड) किए जाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी गई है।

इस निर्णय के बाद छत्तीसगढ़ देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो जाएगा, जिसकी बिजली कंपनी शेयर बाजार का हिस्सा होगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल कंपनी की वित्तीय क्षमता और पारदर्शिता को नई मजबूती मिलेगी, बल्कि प्रदेश के आम नागरिकों और घरेलू निवेशकों को भी सरकारी कंपनी की विकास यात्रा में सीधे भागीदार बनने और मुनाफा कमाने का सुनहरा अवसर मिलेगा। कैबिनेट ने इस आईपीओ से जुड़ी तमाम आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं समय पर पूर्ण करने के लिए कंपनी के संचालक मंडल को अधिकृत कर दिया है।

  1. ‘कृषक उन्नति योजना’ का बड़ा फैसला: धान छोड़ अन्य फसलें लेने पर मिलेंगे ₹15,000 प्रति एकड़
    किसानों की समृद्धि और कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता लाने के लिए साय कैबिनेट ने खरीफ-2026 से ‘कृषक उन्नति योजना’ के एक बिल्कुल नवीन और आकर्षक स्वरूप को मंजूरी दी है। राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में फसल विविधीकरण (Crop Diversification) को बढ़ावा देना, भूजल स्तर को बचाना और पारंपरिक रूप से धान की खेती पर अत्यधिक निर्भरता को कम करना है।

नए प्रावधान के तहत जो किसान धान के स्थान पर अन्य वैकल्पिक खरीफ फसलें लेंगे, या फिर अपने खेतों में दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी तथा कपास की खेती करेंगे, उन्हें राज्य सरकार द्वारा ₹15,000 प्रति एकड़ की भारी-भरकम आदान सहायता (Incentive) प्रदान की जाएगी। इस योजना में किसी भी प्रकार की धांधली या पारदर्शिता की कमी न हो, इसके लिए लाभ वितरण का आधार ‘एकीकृत किसान पोर्टल’, ‘एग्रीस्टेक पंजीयन’ और ‘डिजिटल क्रॉप सर्वे’ को बनाया गया है। इस ऐतिहासिक फैसले से प्रदेश में मोटे अनाजों (मिलेट्स) और तिलहन का रकबा तेजी से बढ़ेगा, जिससे किसानों की आमदनी में बंपर इजाफा होगा।

  1. राशन कार्डधारियों को मिलता रहेगा पौष्टिक चना, PDS व्यवस्था में 3 महीने की अवधि बढ़ीगरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत चना वितरण की निरंतरता को बनाए रखने का बड़ा निर्णय लिया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रदेश के पात्र हितग्राहियों को बिना किसी रुकावट के पौष्टिक चना उपलब्ध कराया जाता रहेगा।

इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को नेकडेक्स-ई-मार्केट (NeML) के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से पारदर्शी तरीके से चना क्रय करने की अनुमति दी गई है, जिसमें सर्विस चार्ज अधिकतम 0.25 प्रतिशत या उससे भी कम होगा। इसके साथ ही, वर्तमान में चल रही व्यवस्था के तहत अप्रैल से जून 2026 तक की तीन महीने की अवधि वृद्धि का भी कैबिनेट द्वारा सहर्ष अनुमोदन कर दिया गया है, जिससे प्रदेश के लाखों गरीब परिवारों को निर्बाध रूप से राशन मिलता रहेगा।

  1. ‘योग’ अब समाज कल्याण से हटाकर ‘चिकित्सा शिक्षा विभाग’ के अधीन, रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा
    प्रशासनिक समन्वय और विषय की वैज्ञानिक प्रकृति को ध्यान में रखते हुए मंत्रिपरिषद ने ‘योग’ विषय को समाज कल्याण विभाग के क्षेत्राधिकार से हटाकर अब चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

चूँकि योग, प्राचीन आयुष (AYUSH) चिकित्सा प्रणाली का एक बेहद अनिवार्य और अभिन्न ( CG Cabinet Decisions 2026) अंग है, और राष्ट्रीय स्तर पर भी योग से जुड़ी तमाम शैक्षणिक व अनुसंधान गतिविधियां आयुष तंत्र के माध्यम से ही संचालित होती हैं। इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब छत्तीसगढ़ में योग से संबंधित उच्च स्तरीय शैक्षणिक पाठ्यक्रमों, वैज्ञानिक प्रशिक्षणों और रिसर्च (अनुसंधान) गतिविधियों का बेहतर समन्वय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रभावी संचालन सुनिश्चित हो सकेगा।

  1. रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में दौड़ेंगी 240 शानदार इलेक्ट्रिक बसें
    शहरी यातायात को सुगम, सस्ता और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी पूरी कर ली है। कैबिनेट ने इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म (PSM) स्कीम के अंतर्गत डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) की आधिकारिक सहमति भारत सरकार को प्रेषित करने की अनुमति दे दी है।

इस महत्वपूर्ण तकनीकी और वित्तीय सहमति के बाद अब प्रदेश के चार प्रमुख महानगरों—रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में कुल 240 आधुनिक इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। यह बसें वातानुकूलित, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल होंगी, जिससे शहरी क्षेत्रों में न केवल वायु प्रदूषण कम होगा बल्कि आम नागरिकों को बेहद किफायती दरों पर सफर करने का मौका मिलेगा।

  1. नवा रायपुर के विकास को मिलेगी रफ्तार, स्टाम्प ड्यूटी में छूट अब 31 मार्च 2028 तक
    नवा रायपुर अटल नगर के सुनियोजित विकास और वहाँ विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना (Infrastructure) के विस्तार को और अधिक गति देने के लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है। मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) को आपसी सहमति से भूमि क्रय करने पर प्रदान की जा रही मुद्रांक शुल्क (स्टाम्प ड्यूटी) छूट की समयावधि को बढ़ाकर 31 मार्च 2028 करने का एक बड़ा और जमीन मालिकों के हित में निर्णय लिया है। इस फैसले से प्राधिकरण को बिना किसी कानूनी विवाद के, आपसी रजामंदी से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करने में बड़ी मदद मिलेगी।
  2. अवैध उत्खनन और खनिज माफियाओं पर सर्जिकल स्ट्राइक, वाहनों में RFID और ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य
    खनिज संपदा की चोरी और अवैध परिवहन को जड़ से खत्म करने के लिए साय सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मंत्रिपरिषद की बैठक में ‘छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भण्डारण) नियम, 2009’ में व्यापक और कड़े संशोधनों को मंजूरी दी गई है।

अब राज्य में खनिज का परिवहन करने वाले प्रत्येक वाहन में आरएफआईडी (RFID) टैग और आधुनिक व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (VTS) लगाना पूरी तरह अनिवार्य होगा, जिससे हर गाड़ी की लाइव लोकेशन और रूट पर सीधे मंत्रालय से नज़र रखी जा सकेगी। इसके अलावा, खनिजों के सटीक ग्रेड निर्धारण और मात्रा के सही आकलन के लिए अत्याधुनिक वैज्ञानिक तकनीक आधारित व्यवस्था लागू की जाएगी। सरकार ने भंडारण अनुज्ञापत्रधारियों (लाइसेंस धारकों) से वसूल की जाने वाली भंडारण शुल्क की राशि तथा सिक्योरिटी डिपॉजिट में भी भारी वृद्धि कर दी है।

वहीं दूसरी ओर, व्यापार को आसान बनाने (Ease of Doing Business) के तहत नियमों का पालन करने वाले वैध लाइसेंस होल्डर्स को अतिरिक्त जमीन स्वीकृत किए जाने और दो अलग-अलग भंडारण लाइसेंसों को आपस में समामेलित (एकजाई) करने का भी सरलीकृत प्रावधान लागू किया गया है। इस कड़े फैसले से न केवल अवैध खनन पर पूरी तरह प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा, बल्कि चोरी रुकने से राज्य के राजस्व (Revenue) में ऐतिहासिक वृद्धि सुनिश्चित होगी।

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