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CG Assembly Budget Presentation  : ‘छत्तीसगढ़ की माटी का तिलक लगाकर आया हूं’, ओपी चौधरी के शब्दों से गूंजा सदन

CG Assembly Budget Presentation

CG Assembly Budget Presentation

बजट पेश करने से पहले पत्नी अदिति नेेधरी ने उतारी आरती, शिव पूजा के बाद विधानसभा पहुंचे वित्त मंत्री

छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करने पहुंचे वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने अपने संबोधन की शुरुआत भावनात्मक और सांस्कृतिक जुड़ाव से भरे शब्दों के साथ की, जिसने पूरे सदन का ध्यान अपनी (CG Assembly Budget Presentation) ओर खींच लिया।

जैसे ही उन्होंने कहा, “ना चंदन से ना कुमकुम से, श्रृंगार कराकर आया हूं… अपने छत्तीसगढ़ की माटी से मैं तिलक लगाकर आया हूं,” सदन में मेजों की थपथपाहट गूंज उठी और माहौल विशेष रूप से भावुक और उत्साहपूर्ण हो गया।

वित्त मंत्री चौधरी इस अवसर पर पारंपरिक आस्था और संस्कृति से जुड़े प्रतीकों के साथ विधानसभा पहुंचे। बजट भाषण से पहले उन्होंने अपने निवास स्थित शिव मंदिर में पूजा-अर्चना की।

इस दौरान उनकी पत्नी अदिति चौधरी ने उनकी आरती उतारी और छत्तीसगढ़ की पवित्र माटी का तिलक लगाकर उन्हें विधानसभा के लिए विदा किया। वित्त मंत्री ने इस अवसर पर केसरिया रंग का जैकेट पहना, जिसे विशेष रूप से उनकी पत्नी की पसंद बताया गया।

यह अवसर इसलिए भी खास रहा क्योंकि यह ओ.पी. चौधरी द्वारा प्रस्तुत किया गया सरकार का तीसरा बजट था। उन्होंने अपने संबोधन में नवनिर्मित विधानसभा भवन में बजट प्रस्तुत करने को अपने जीवन का सौभाग्य (CG Assembly Budget Presentation) बताया और प्रदेश की जनता के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह अवसर प्रदेश के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी और सम्मान दोनों का प्रतीक है।

गौरतलब है कि इससे पहले उन्होंने अपना एक बजट हस्तलिखित दस्तावेज से पढ़कर प्रस्तुत किया था, जिसने उनकी कार्यशैली और व्यक्तिगत जुड़ाव को अलग पहचान दी थी। इस बार भी उनके संबोधन की शुरुआत ने यह संकेत दिया कि बजट केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश की संस्कृति, आस्था और जनता से जुड़े भावनात्मक संबंध का भी प्रतीक है।

नई विधानसभा में प्रस्तुत यह बजट प्रदेश के विकास, सामाजिक सशक्तिकरण और आर्थिक प्रगति की दिशा में महत्वपूर्ण माना (CG Assembly Budget Presentation) जा रहा है। वित्त मंत्री के इस भावनात्मक और सांस्कृतिक अंदाज ने बजट सत्र की शुरुआत को यादगार बना दिया।

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