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Cancer Risk Cooking Oil : रसोई की ये गलती पड़ सकती है भारी, दोबारा गर्म तेल से बढ़ता है कैंसर और हार्ट डिजीज का खतरा

Cancer Risk Cooking Oil

Cancer Risk Cooking Oil

रसोई में थोड़ी बचत कभी-कभी सेहत पर भारी पड़ सकती है। डीप फ्राई करने के बाद बचे तेल को दोबारा गर्म करना (Cancer Risk Cooking Oil) आम बात है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह आदत गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) से प्रशिक्षित डॉक्टर प्रियंका सेहरावत ने चेतावनी दी है कि कुकिंग ऑयल को बार-बार गर्म करना लंबे समय में खतरनाक स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है।

तेल को बार-बार गर्म करने पर क्या होता है?

डॉक्टर के अनुसार, जब तेल को बार-बार उच्च तापमान पर गर्म किया जाता है तो उसकी रासायनिक संरचना बदलने लगती (Cancer Risk Cooking Oil) है। इससे उसमें कार्सिनोजेनिक (कैंसर पैदा करने वाले) तत्व बनने लगते हैं। बार-बार गर्म किए गए तेल में टोटल पोलर कंपाउंड, पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन (PAHs), ट्रांस फैट और फ्री रेडिकल्स जैसे हानिकारक तत्व बन सकते हैं।

ये तत्व शरीर में सूजन बढ़ाने, कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने और डीएनए डैमेज का कारण बन सकते हैं, जो आगे चलकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं।

सिर्फ कैंसर ही नहीं, दिल के लिए भी खतरा

ऐसे तेल में बना खाना नियमित रूप से खाने से:

खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ सकता है

धमनियों में प्लाक जमने का खतरा बढ़ता है

हार्ट अटैक और अन्य कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों का जोखिम बढ़ता है

विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक ऐसे तेल का सेवन करने से शरीर में टॉक्सिन्स जमा हो सकते हैं, जो हृदय और लिवर दोनों के लिए हानिकारक हैं।

क्या है सुरक्षित तरीका?

अगर तेल बच गया है तो:

उसे अच्छी तरह छानकर साफ और सूखे कंटेनर में रखें।

1–2 दिन के भीतर हल्के उपयोग (जैसे तड़का) में ही इस्तेमाल करें।

दोबारा डीप फ्राई के लिए इस्तेमाल न करें।

तेल का रंग, गंध या गाढ़ापन बदल जाए तो तुरंत फेंक दें।

विशेषज्ञों की सलाह है कि स्वास्थ्य के साथ समझौता कर थोड़ी बचत करना समझदारी (Cancer Risk Cooking Oil) नहीं है। बेहतर है कि सीमित मात्रा में तेल का उपयोग करें और बार-बार गर्म करने से बचें।

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