बिलासपुर में मंगलवार शाम हुई मेमू लोकल और मालगाड़ी की भीषण टक्कर में 11 लोगों की मौत के बाद जांच तेज हो गई है। हादसे के दूसरे दिन रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) बी.के. मिश्रा कोलकाता से बिलासपुर (Bilaspur Train Accident) पहुंचे और दो घंटे तक विस्तृत जांच की। सीआरएस ने मौके पर स्पीडोमीटर, मोटर कोच और सिग्नल रिकॉर्डिंग दस्तावेज जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच का फोकस ‘रेड सिग्नल’ और ऑटोमैटिक सिग्नल सिस्टम की तकनीकी स्थिति पर है।
ओवरस्पीड या सिग्नल ओवरशूट पर फोकस
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि हादसा रेड सिग्नल की अनदेखी, ओवरशूट या ओवरस्पीड की वजह से हुआ। दरअसल, जिस ट्रैक पर यह दुर्घटना हुई, वहां ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम लागू है। सामान्य स्थिति में जब एक ट्रेन किसी सिग्नल को पार करती है, तो वह पीला हो जाता है और अगले सिग्नल रेड में बदलते हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि मेमू लोकल ट्रेन ने पीले सिग्नल पर गति धीमी क्यों नहीं की। अगर चालक ने सिग्नल नियमों का पालन किया होता, तो ट्रेन रेड सिग्नल पार नहीं करती और यह टक्कर टल सकती थी। सीआरएस मिश्रा इसी बिंदु पर केंद्रित जांच कर रहे हैं।
उन्होंने विंडो ट्रॉली के जरिए गतौरा स्टेशन से घटनास्थल तक का निरीक्षण किया और सिग्नल पैनल, कंट्रोल सिस्टम, ट्रैक और ट्रेन संचालन व्यवस्था की तकनीकी समीक्षा की। मौके पर मौजूद तकनीकी कर्मचारियों और गवाहों से पूछताछ भी की गई। जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह मानवीय भूल थी या तकनीकी त्रुटि।
मौत का आंकड़ा 11 तक पहुंचा, 20 घायल
हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें ट्रेन पायलट विद्यासागर (53) भी शामिल हैं। पहले दिन 10 मौतें दर्ज की गई थीं, जबकि देर रात एक और शव बरामद हुआ।
सभी मृतकों का पोस्टमार्टम पूरा कर परिजनों को शव सौंपे जा चुके हैं। वहीं, 20 यात्री घायल हैं जिनका इलाज सिम्स और आसपास के अस्पतालों में चल रहा है।
घुमावदार ट्रैक और सिग्नल भ्रम की आशंका
जांच में यह संभावना भी जताई जा रही है कि चालक घुमावदार ट्रैक के कारण पास वाली रेल लाइन का ग्रीन सिग्नल देखकर भ्रमित हो गए होंगे। घटना से कुछ मिनट पहले हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस मिडिल लाइन से गुजरी थी, जिससे उसका सिग्नल ग्रीन था। जांच टीम इस विज़ुअल मिसअंडरस्टैंडिंग को भी एक प्रमुख कारण के रूप में खंगाल रही है।
हादसे में जान गंवाने वाले
विद्यासागर (53), निवासी देवरीखुर्द — ट्रेन पायलट
अर्जुन यादव (35), देवरीखुर्द
मानमती यादव (51), ग्राम सलखाभाठा, थाना रतनपुर
लव शुक्ला (50), बुधवारी बाजार, सक्ती
गोमती बाई यादव (65), टिंगीपुर, जूनापारा
प्रिया चंद्रा (21), सक्ती
अंकित अग्रवाल (35), रेलवे अस्पताल के पास, कोरबा
रंजीत कुमार प्रभाकर (30), ग्राम कोसा मुलमुला, जांजगीर-चांपा
शीला यादव (32), देवरीखुर्द, बिलासपुर
प्रमिला वस्त्रकार (55), पाराघाट, मस्तूरी
गोदावरी बाई यादव (60), लालपुर, रतनपुर

