सिविल लाइन पुलिस आरोपितों की तलाश में कर रही छापेमारी
जिला कोर्ट परिसर में शनिवार की शाम उस समय हंगामा मच गया जब पुलिस कथावाचक आशुतोष चैतन्य महाराज को पेश (Bilaspur Court Chaos) करने पहुंची। नारेबाजी और धक्का-मुक्की के माहौल ने कोर्ट परिसर में तनाव पैदा कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने दोनों पक्ष के युवकों को खदेड़कर परिसर खाली कराया। देर रात सिविल लाइन थाने में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस आरोपितों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
नारेबाजी से शुरु हुआ विवाद
एएसपी राजेंद्र कुमार जायसवाल ने बताया कि तखतपुर पुलिस आशुतोष चैतन्य महाराज (Bilaspur Court Chaos) को गिरफ्तार कर उन्हें कोर्ट में पेश करने आई थी। इसी दौरान पहले से मौजूद एक समूह ने अचानक नारेबाजी शुरू कर दी। उनके जवाब में दूसरे पक्ष ने भी नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
उपद्रवियों ने—
गाली-गलौज की
पुलिस को घेरने की कोशिश की
समझाइश देने पहुंचे जवानों के साथ धक्का-मुक्की भी की
पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर सभी को परिसर से बाहर खदेड़ा और स्थिति नियंत्रित की।
दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज
रविवार तड़के पुलिस ने दोनों समूहों के खिलाफ अलग-अलग अपराध पंजीबद्ध किए:
पहली एफआईआर में धारा:
BNS 221, 132, 296, 351(2), 3(5)
दूसरी एफआईआर में धारा:
BNS 191(2), 221, 132, 296, 351(2)
अब तक किसी भी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों (Bilaspur Court Chaos) पर दबिश दे रही है।
क्या है पूरा मामला?
12 नवंबर को तखतपुर के टिकरीपारा में आयोजित भागवत कथा के दौरान कथावाचक आशुतोष चैतन्य महाराज पर समाज विशेष के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा था।
शिकायत पर पुलिस ने—
BNS की धारा 353(2)
SC-ST एक्ट की धाराएं
लगाकर उन्हें गिरफ्तार किया था।
शनिवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया जाना था, लेकिन इससे पहले ही समाज विशेष के युवक तथा महाराज के समर्थक दोनों ही बड़ी संख्या में परिसर के बाहर जमा हो गए थे। इसी दौरान टकराव की शुरुआत हुई, जो देखते-देखते हंगामे में बदल गई

