Bilaspur Company Garden incident के तहत सोमवार को स्वामी विवेकानंद उद्यान (कंपनी गार्डन) में आयोजित स्वामी विवेकानंद चेतना महोत्सव उस समय अव्यवस्था का शिकार हो गया, जब कार्यक्रम के दौरान अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने सभा स्थल पर हमला कर दिया।
इस घटना के समय कार्यक्रम में लगभग 1,500 स्कूली बच्चे मौजूद थे, जबकि मंच पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव का संबोधन चल रहा था। केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास राज्यमंत्री तोखन साहू सहित कई जनप्रतिनिधि मंच पर उपस्थित थे।
स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर आयोजित इस चेतना महोत्सव में विभिन्न स्कूलों के छात्र स्वामी विवेकानंद की वेशभूषा में शामिल हुए थे। कार्यक्रम सामान्य रूप से चल ही रहा था कि अचानक मधुमक्खियों का झुंड मंच और दर्शक दीर्घा की ओर बढ़ने लगा।
मधुमक्खियों का रुख खासकर स्कूली बच्चों की ओर होने से वहां चीख-पुकार मच गई। बच्चे अपनी कुर्सियां छोड़कर इधर-उधर भागने लगे, जिससे स्थिति कुछ समय के लिए बेकाबू हो गई।
Bilaspur Company Garden incident को देखते हुए मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और आयोजन समिति के सदस्यों ने तत्परता दिखाते हुए बच्चों को सुरक्षित स्थानों की ओर ले जाना शुरू किया। अफरा-तफरी के बावजूद समय रहते सभी बच्चों और अतिथियों को सुरक्षित निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि मधुमक्खियों के हमले में किसी को डंक नहीं लगा और कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ।
हालात की गंभीरता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कार्यक्रम को बीच में ही रोकने का निर्णय लिया। घटना के कारण काफी देर तक आयोजन स्थल पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
तेज आवाज से भड़कीं मधुमक्खियां
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार Bilaspur Company Garden incident की एक बड़ी वजह कार्यक्रम में लगाए गए भारी-भरकम लाउडस्पीकर माने जा रहे हैं। मंच पर लगे बड़े साउंड सिस्टम से निकल रही तेज आवाज के कारण उद्यान में मौजूद मधुमक्खियां भड़क गईं और अचानक हमला कर दिया।
निगम के आदेशों की अनदेखी
उल्लेखनीय है कि नगर निगम बिलासपुर ने पहले ही गार्डनों में लाउडस्पीकर और ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले उपकरणों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है। इसके बावजूद चेतना महोत्सव में बड़े स्पीकर लगाए गए, जिससे नियमों के उल्लंघन का मामला भी सामने आया है। प्रशासन अब पूरे घटनाक्रम की समीक्षा कर रहा है।

