शनिवार की सुबह जंगल की खामोशी अचानक गोलियों की आवाज़ से टूट गई। सुरक्षाबलों की हलचल और लगातार रुक-रुक कर हो रही फायरिंग ने संकेत दे दिया कि इलाके में कुछ बड़ा चल रहा है। जैसे-जैसे समय बीतता गया, हालात और ज्यादा संवेदनशील होते चले गए।
यह मुठभेड़ बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र के घने जंगलों में चल (Bijapur Naxal Encounter) रही है, जहां नक्सल विरोधी अभियान पर निकली संयुक्त सुरक्षा टीम का सामना माओवादियों की एक बड़ी टुकड़ी से हो गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार इस मुठभेड़ में दो नक्सलियों के मारे जाने की खबर है, हालांकि ऑपरेशन अभी जारी है।
सूत्रों के मुताबिक, इलाके में नक्सली लीडर पापाराव की मौजूदगी की भी सूचना मिली है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मुठभेड़ स्थल से एके-47 जैसे हथियारों की बरामदगी की जानकारी सामने आई है, जिससे यह स्पष्ट है कि नक्सली बड़ी तैयारी के साथ इलाके में सक्रिय थे।
बताया जा रहा है कि डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिज़र्व गार्ड) के जवान नेशनल पार्क क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चला (Bijapur Naxal Encounter) रहे थे। इसी दौरान जंगल के भीतर छिपे नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में मुठभेड़ तेज हो गई। सुबह से ही दोनों ओर से रुक-रुक कर गोलीबारी जारी है।
सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। मारे गए नक्सलियों के शव बरामद करने और अन्य नक्सलियों की तलाश के लिए सर्च अभियान को और तेज किया गया है। अतिरिक्त बलों को भी मौके के आसपास अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी संभावित खतरे से निपटा जा सके।
बीजापुर पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर स्पष्ट किया है कि अभियान अभी (Bijapur Naxal Encounter) जारी है, इसलिए मुठभेड़ के सटीक स्थान, ऑपरेशन में शामिल जवानों की संख्या और अन्य संवेदनशील जानकारियां फिलहाल साझा नहीं की जा सकतीं। यह कदम ऑपरेशन में लगे जवानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

