छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित भिलाई इस्पात संयंत्र (Bhilai Steel Plant) से मंगलवार सुबह एक बड़ी खबर सामने आई है। संयंत्र के पावर एंड ब्लोइंग स्टेशन-दो (PBS-2) में अचानक भीषण आग लग गई। इस हादसे में एक जूनियर इंजीनियर (JE) समेत कुल 6 कर्मचारी घायल हुए हैं। स्थिति इतनी भयावह थी कि अपनी जान बचाने के लिए एक ठेका श्रमिक को करीब 40 फीट की ऊंचाई (तीसरी मंजिल) से छज्जे पर कूदना पड़ा, जिससे उसका पैर टूट गया।
टर्बाइन सेक्शन में भड़की आग की लपटें (Bhilai Steel Plant)
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 10 बजे एसटीजी-चार (STG-4) टर्बाइन सेक्शन के बिजली केबल में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और लपटें 10 फीट तक ऊंची उठने लगीं। जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय टर्बाइन के मुख्य स्विच गियर रूम और कंट्रोल रूम में कई कर्मचारी ड्यूटी पर तैनात थे। केबलों से निकलने वाले घने धुएं और आग के कारण वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जान बचाने की जद्दोजहद, तीसरी मंजिल से छलांग
जैसे ही आग फैली, कंट्रोल रूम में मौजूद कर्मियों का दम घुटने लगा। फंसे हुए कर्मियों ने जान बचाने के लिए खिड़की के छज्जों का सहारा लिया। इस दौरान एक ठेका श्रमिक ने तीसरी मंजिल से नीचे छलांग लगा दी, जिसके कारण उसके पैर में गंभीर फ्रैक्चर हुआ है। हादसे में घायल होने वालों में बीएसपी के जेइए शिवमोहन त्रिपाठी और ठेका कर्मचारी उमेद कुमार, रविंद्र कुमार, सुशांत कुमार, मनीष एवं महेंद्र शामिल हैं। इनमें से कुछ कर्मचारी आंशिक रूप से झुलसे भी हैं।
दमकल विभाग ने पाया काबू, उत्पादन सुरक्षित
बीएसपी प्रबंधन के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग (Fire Department) की टीम मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद सुबह 11 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया (Bhilai Steel Plant) गया। राहत की बात यह है कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आग केवल केबल तक ही सीमित रही, जिससे संयंत्र के मुख्य उत्पादन कार्यों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
शार्ट सर्किट हो सकता है कारण
प्रारंभिक जांच में आग लगने की मुख्य वजह केबल में शार्ट सर्किट (Short Circuit) या ओवरलोडिंग को माना जा रहा है। हालांकि, प्रबंधन ने हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं। सभी घायल कर्मचारियों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
