Bee Attack : रिसर्च के बीच अचानक गूंजने लगी चीखें, पहाड़ी पर मधुमक्खियों ने घेरा वैज्ञानिकों का दल

रायगढ़ के सिंघनपुर इलाके में शनिवार का दिन अचानक अफरा तफरी (Bee Attack) में बदल गया। पहाड़ी पर रिसर्च कर रही टीम को पहले कुछ समझ नहीं आया, लेकिन कुछ ही सेकंड में मधुमक्खियों का बड़ा झुंड उनके आसपास मंडराने लगा। तेज आवाज और भगदड़ के बीच लोग खुद को बचाने के लिए चट्टानों और पेड़ों की तरफ भागते नजर आए।

घटना के बाद इलाके में दहशत जैसा माहौल बन गया। वन विभाग के कर्मचारी और स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए आगे आए। घायल शोधकर्ताओं की हालत देखकर मौके पर मौजूद लोगों में भी चिंता बढ़ गई। कई लोगों के चेहरे और हाथों पर डंक के गहरे निशान दिखाई दे रहे थे।

शैल चित्रों का अध्ययन करने पहुंची थी टीम : Bee Attack

जानकारी के अनुसार रायपुर की अलग अलग यूनिवर्सिटी से पांच सदस्यीय शोध दल सिंघनपुर (Bee Attack) गुफा पहुंचा था। टीम में वैज्ञानिक और रिसर्च स्कॉलर शामिल थे। वन विभाग के कर्मचारियों के साथ यह दल पहाड़ी पर मौजूद प्राचीन शैल चित्रों का अध्ययन कर रहा था। निरीक्षण के दौरान अचानक मधुमक्खियों का झुंड वहां पहुंच गया और टीम पर हमला कर दिया। हमला इतना तेज था कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

सात लोग हुए घायल

इस घटना में वैज्ञानिक समृद्धि, ब्रम्हानंद धृतलहरे, भाग्यश्री, सुमन और निहारिका घायल हुए। इनके अलावा वन विभाग के गितेश्वर पटेल और ईश्वर यादव भी हमले की चपेट में आ गए। घटना के बाद वनकर्मियों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। घायलों को पहाड़ी से नीचे लाने के लिए स्ट्रेचर का इस्तेमाल किया गया और फिर एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया।

पहाड़ी इलाके में चला बचाव अभियान

मधुमक्खियों के हमले के कारण कुछ समय तक पूरा इलाका असुरक्षित (Bee Attack) बना रहा। वन विभाग की टीम ने पहले आसपास के लोगों को दूर किया, फिर घायल सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला। बचाव कार्य में काफी मशक्कत करनी पड़ी क्योंकि पहाड़ी रास्ता संकरा और कठिन था।

हालत में बताया जा रहा सुधार

अस्पताल में भर्ती सभी घायलों का इलाज जारी है। अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल सभी की स्थिति पहले से बेहतर है। रायगढ़ वन विभाग ने बताया कि रिसर्च कार्य के दौरान यह घटना हुई और सूचना मिलते ही तत्काल राहत टीम मौके पर भेजी गई थी।

Exit mobile version