केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 13 दिसंबर को बस्तर पहुंचेंगे। वे बस्तर ओलिंपिक के समापन समारोह में शामिल होंगे, जो इस वर्ष का सबसे बड़ा सामाजिक–सांस्कृतिक खेल आयोजन माना जा रहा है (Bastar Olympic Shah Visit)। इस ओलिंपिक में 240 आत्मसमर्पित माओवादी भी प्रतिभाग कर रहे हैं, जिनके साथ शाह संवाद कर उन्हें और अन्य उग्रवादियों को मुख्यधारा में लौटने का संदेश दे सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री के बस्तर दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, नक्सल उन्मूलन रणनीति और विकास–सह–विश्वास निर्माण पर भी चर्चा होने की संभावना है। गृह मंत्री उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक में भी शामिल होंगे और हाल ही के सफल ऑपरेशन में भाग लेने वाली फोर्स टीमों से भी मुलाकात करेंगे (Bastar Olympic Shah Visit)। माना जा रहा है कि यह दौरा माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में शांति प्रयासों को नया प्रोत्साहन देगा।
बस्तर ओलिंपिक का संभाग स्तरीय आयोजन 11 से 13 दिसंबर तक जगदलपुर में जारी है, जिसमें कांकेर, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, बीजापुर और कोंडागांव के लगभग 5,000 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। आदिवासी खेल, पारंपरिक दौड़, तीरंदाजी, खो-खो एवं कबड्डी जैसे खेल यहां विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। आत्मसमर्पित माओवादियों की सक्रिय भागीदारी इसे और ऐतिहासिक बनाती है—क्योंकि कई प्रतिभागी वर्षों बाद खेल मैदान में लौटे हैं।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि शाह के आगमन के मद्देनजर सुरक्षा और लॉजिस्टिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। खेल मैदान, आवागमन मार्ग और मंच क्षेत्र पर विशेष तैनाती की जा रही है। आयोजन समिति का मानना है कि यह दौरा सिर्फ खेल तक सीमित नहीं—बल्कि यह विश्वास, पुनर्वास और शांति बहाली की प्रक्रिया में बड़ी भूमिका निभा सकता है ।

