राजधानी रायपुर की पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी की दुनिया के एक नए और हाई-प्रोफाइल मास्टरमाइंड बाबू खेमानी को गिरफ्तार (Babu Khemani Arrested Mumbai) कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। महादेव सट्टा ऐप की तर्ज पर ‘3Stumps’ नामक अवैध साम्राज्य खड़ा करने वाले इस आरोपी को रायपुर पुलिस की एक विशेष टीम ने मुंबई से धर-दबोचा।
बाबू खेमानी न केवल सट्टा चलाता था, बल्कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर होने के नाते अपनी तगड़ी फैन फॉलोइंग का इस्तेमाल कर ‘हाई-प्रोफाइल’ ग्राहकों को सट्टे की दलदल में उतार रहा था। पुलिस उसे फ्लाइट से रायपुर लेकर पहुंची है, जहां आज इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया गया।
इन्फ्लुएंसर की आड़ में सट्टे का काला कारोबार (Babu Khemani Arrested Mumbai)
पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि बाबू खेमानी ने लगभग ढाई साल पहले अपने भाई करण खेमानी के साथ मिलकर रायपुर में ऑनलाइन सट्टे का जाल बिछाना शुरू किया था। बाबू खेमानी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय था और उसके हजारों फॉलोअर्स थे।
इसी का फायदा उठाकर उसने रसूखदार और रईस लोगों से संपर्क किया। शुरुआती दिनों में उसने ‘मेट्रो’, ‘कलर 777’ और ‘क्लासिक एक्स 99’ जैसे ऐप्स का सहारा लिया, लेकिन जब पुलिस का दबाव बढ़ा, तो उसने 3Stumps और 55 एक्सचेंज जैसे नए नाम से अपना साम्राज्य फिर खड़ा कर लिया।
मुंबई और गोवा में एक साथ छापेमारी
बीते 13 अप्रैल को गंज थाना क्षेत्र में हुई एक छोटी गिरफ्तारी ने इस बड़े गिरोह की पोल खोल दी थी। जब पुलिस को मास्टरमाइंड बाबू खेमानी और उसके भाई करण के मुंबई-गोवा में छिपे होने की सूचना मिली, तो एक साथ दोनों राज्यों में रेड की गई। मुंबई से बाबू खेमानी के साथ रोहित सिंह और विशाल कश्यप को गिरफ्तार किया गया।
इनके पास से BMW कार, लग्जरी मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त किए (Babu Khemani Arrested Mumbai) गए हैं। वहीं, गोवा में चल रहे लाइव पैनल पर भी पुलिस ने धावा बोलकर 4 अन्य सट्टेबाजों को रंगे हाथों पकड़ा। अब तक इस पूरे मामले में कुल 66 लाख रुपये से ज्यादा का सामान और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जब्त किए जा चुके हैं।
विदेशी कनेक्शन और हवाला का खेल
पुलिस की जांच में बाबू खेमानी के अंतरराष्ट्रीय दौरों ने सबको चौंका दिया है। वह वर्ष 2011 से ही दुबई के संपर्क में था। रिकॉर्ड के अनुसार, वह 2023 में थाईलैंड-बैंकॉक और साल 2025 में ही तीन बार दुबई जा चुका है।
आशंका जताई जा रही है कि वह महादेव ऐप के बड़े बुकीज के संपर्क में था और सट्टे की रकम को हवाला के जरिए विदेशों में खपा रहा था। पुलिस अब उसके पासपोर्ट और बैंक ट्रांजैक्शन की बारीकी से जांच कर रही है ताकि ‘दुबई कनेक्शन’ का पुख्ता प्रमाण मिल सके।
कलेक्शन एजेंट से लेकर फर्जी खातों तक
बाबू खेमानी ने बेहद शातिराना तरीके से काम का बंटवारा कर रखा था।
कमलेश देवांगन: सट्टे के पैसे की वसूली (कलेक्शन एजेंट) का काम देखता था।
रोहित सिंह: देशभर में नए सट्टा पैनल और आईडी बांटने का जिम्मा संभालता था।
विशाल कश्यप: इसका काम 20 से 30 हजार रुपये में फर्जी बैंक खाते (म्यूल अकाउंट्स) अरेंज करना था, ताकि सट्टे के करोड़ों का लेन-देन पुलिस की नजर से बचा रहे।
गिरफ्तार आरोपियों में रायपुर के अलावा महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के भी सट्टेबाज (Babu Khemani Arrested Mumbai) शामिल हैं। पुलिस अब उन रसूखदार लोगों की भी सूची तैयार कर रही है जो बाबू खेमानी के जरिए करोड़ों का दांव लगा रहे थे।
