-उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटा: बद्रीनाथ गांव से चार किलोमीटर दूर हिमस्खलन
चमोली। Avalanche In Kedarnath: उत्तराखंड के चमोली जिले में भारी बर्फबारी जारी है। वहां एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटित हुई है। बद्रीनाथ से 4 किलोमीटर दूर माणा गांव में हिमस्खलन हुआ है। इस घटना में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के 57 मजदूर बर्फ के नीचे दब गए। दस श्रमिकों को बचा लिया गया है, तथा शेष श्रमिकों की तलाश के लिए युद्ध स्तर पर अभियान शुरू कर दिया गया है।
बर्फ के नीचे दबे श्रमिकों को बचाने का काम तेज कर दिया गया है। इसके लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवानों को बुलाया गया है। इसके साथ ही जिला प्रशासन, आईटीबीपी और बीआरओ की टीमें भी तलाशी अभियान में शामिल हो गई हैं। तलाशी अभियान (Avalanche In Kedarnath) शुरू कर दिया गया है, लेकिन बर्फबारी के कारण इसमें बाधा आ रही है। चमोली जिला उत्तराखंड में स्थित है। इस जिले में माणा नाम का एक गांव है, जो भारत और चीन सीमा के पास स्थित है। यह गांव बद्रीनाथ से चार किमी दूर है।
वास्तव में क्या हुआ?
बीआरओ के कर्मचारी लगातार हो रही बर्फबारी के कारण सड़क साफ करने में जुटे हैं। बद्रीनाथ से माणा की ओर जाने वाले माणा गेट के पास बीआरओ का कैम्प है। वहां अचानक हिमस्खलन हुआ। शिविर पर हिमस्खलन (Avalanche In Kedarnath) हुआ और 57 श्रमिक दब गये। खोज एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू किये गये। 16 श्रमिकों को सफलतापूर्वक सुरक्षित निकाल लिया गया। एसडीआरएफ की टीम को जोशीमठ स्थित हेलीपैड से रवाना किया गया। इसके साथ ही एनडीआरएफ कर्मियों की भी मदद ली जा रही है। भारी बर्फबारी के कारण बद्रीनाथ जाने वाला मार्ग जोशीमठ से हनुमानचट्टी तक बंद है।