Austerity Measures : सरकारी खर्चों पर सरकार सख्त, मंत्रियों के काफिले से लेकर विदेश दौरे तक पर लगी रोक, देखें आदेश

छत्तीसगढ़ में सरकारी खर्चों को लेकर अब बड़ा बदलाव देखने (Austerity Measures) को मिलेगा। राज्य सरकार के नए आदेश के बाद मंत्रालय से लेकर जिला स्तर तक हलचल बढ़ गई है। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच पूरे दिन नए निर्देशों को लेकर चर्चा होती रही। सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि अब सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल में पहले जैसी ढिलाई नहीं चलेगी और हर विभाग को खर्चों में कटौती करनी होगी।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब मंत्रियों के काफिले, सरकारी गाड़ियों, बैठकों और कार्यालयों में होने वाले खर्चों पर सख्त नजर रखी जाएगी। वित्त विभाग ने मितव्ययिता को लेकर विस्तृत निर्देश जारी किए हैं, जिन्हें अगले साल सितंबर तक प्रभावी रखा जाएगा।

मंत्रियों के काफिले में कम होंगी गाड़ियां : Austerity Measures

सरकार ने मुख्यमंत्री, मंत्रियों और निगम मंडल आयोग के पदाधिकारियों के कारकेड में केवल जरूरी वाहनों के इस्तेमाल के निर्देश दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि सरकारी संसाधनों का उपयोग बेहद सीमित और जरूरत के मुताबिक किया जाए। इसके साथ ही अधिकारियों को भी फिजूल खर्च से बचने और सरकारी व्यवस्थाओं का संयमित उपयोग करने को कहा गया है।

विदेश यात्राओं पर पूरी तरह रोक

नए निर्देशों के मुताबिक राज्य सरकार के खर्च पर सरकारी सेवकों की विदेश यात्राओं पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। केवल बेहद जरूरी परिस्थितियों में ही अनुमति दी जाएगी। ऐसे मामलों में भी मुख्यमंत्री की पूर्व मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। सरकार का कहना है कि इससे अनावश्यक खर्चों में बड़ी कमी आएगी।

वाहन पूलिंग और ईंधन बचत पर जोर

सरकार ने पेट्रोल डीजल के खर्च को कम करने के लिए वाहन पूलिंग व्यवस्था लागू करने के निर्देश (Austerity Measures) दिए हैं। अब एक ही दिशा में जाने वाले अलग अलग विभागों के अधिकारी एक साथ वाहन का उपयोग करेंगे। साथ ही सरकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने की तैयारी भी शुरू करने को कहा गया है।

महीने में सिर्फ एक भौतिक बैठक

विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे महीने में केवल जरूरत पड़ने पर ही एक भौतिक बैठक आयोजित करें। बाकी समीक्षा बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जाएंगी। सरकार ने दफ्तरों में बिजली बचाने के लिए भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। कार्यालय समय खत्म होने के बाद लाइट, पंखे, एसी और कंप्यूटर बंद रखना अनिवार्य किया गया है।

अब कागज की जगह डिजिटल कामकाज

सरकारी बैठकों में अब प्रिंटेड फाइलों और बुकलेट्स की जगह डिजिटल फाइलों का उपयोग किया जाएगा। शासन ने ई ऑफिस व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश (Austerity Measures) दिए हैं। इसके अलावा प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी अब आईगॉट कर्मयोगी पोर्टल के ज्यादा इस्तेमाल पर जोर दिया जाएगा ताकि फिजिकल ट्रेनिंग पर होने वाला खर्च कम किया जा सके।

सभी विभागों को दिए गए सख्त निर्देश

वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश को सभी विभागों, संभागीय आयुक्तों, जिला कलेक्टरों और अन्य प्रशासनिक कार्यालयों को भेज दिया गया है। सरकार ने इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

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