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MP में आशीर्वाद यात्राओं ने गरमाई सियासत,आरोप-प्रत्यारोप जारी

Ashirwad visits heat up politics in MP, allegations and counter-allegations continue

MP Jan Ashirvad

भोपाल | MP में तीन केंद्रीय मंत्रियों की आशीर्वाद यात्राओं ने सियासत को गर्मा दिया है। भाजपा इन यात्राओं को सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने की कोशिश बता रही है, तो कांग्रेस बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और कोरोना को लेकर हमलावर है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद मंत्री राज्यों में केंद्र सरकार की योजनाओं को गिनाने निकले हैं, इसी क्रम में मध्य प्रदेश (MP) में भी तीन मंत्रियों ज्योतिरादित्य सिंधिया व डॉ. वीरेन्द्र खटीक और राज्यमंत्री एसपीएस बघेल की यात्राएं निकल रही हैं। यह यात्राएं जगह-जगह पहुंचकर लोगों को केंद्र व राज्य सरकार की योजनाएं बता रही हैं।

इन योजनाओं को लेकर कांग्रेस हमलावर है। कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रभारी के के मिश्रा ने सिंधिया पर तंज कसा और कहा, मंहगाई-भ्रष्टाचार चरम पर माफियाराज, ध्वस्त कानून व्यवस्था, पेट्रोल-डीजल 100 के पार, किसान- ओबीसी, आदिवासी, युवा परेशान, कोरोना से डेढ़ लाख मौतें, आंकड़े गायब, वैक्सीन कबाड़े में, बाढ़ से तबाही, 10 दिन की बारिश 300 पुल टूटे, 471 किलो मीटर सड़कें बर्बाद!

कांग्रेस के सबसे तीखे और पैने हमले केंद्रीय मंत्री सिंधिया पर होते हैं। सिंधिया भी कांग्रेस पर हमले करने से नहीं चूकते। सिंधिया ने कांग्रेस के हमलों का जवाब देते हुए कहा, कांग्रेस तो गिरगिट की तरह रंग बदलती है, इसलिए उसकी परवाह नहीं करता। कांग्रेस की टीका टिप्पणी का स्वागत है।

राज्य में इन आशीर्वाद यात्राओं को काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि भाजपा ने राज्य में तीन अलग-अलग वर्गो के केंद्रीय मंत्रियों को भेजा है। सिंधिया का प्रभाव ग्वालियर-चंबल में है और उनके चाहने वाले मालवा में भी हैं, लिहाजा पार्टी ने सिंधिया को मालवा में भेजकर उनके प्रभाव का लाभ लेने की कोशिश की है। इसके अलावा पिछड़ों और दलितों के बीच पैठ बनाने के लिए खटीक और बघेल को भेजा गया।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा इन यात्राओं के जरिए अपनी योजनाओं का प्रचार-प्रसार तो चाह ही रही है, जहां तक मध्य प्रदेष (MP) की बात है तो इन यात्राओं ने सियासत को गर्माने का काम किया ही है।

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