दुनिया एक बार फिर इतिहास के उस मोड़ पर खड़ी है, जहां इंसान चांद की ओर वापसी करने (Artemis II Mission) जा रहा है। करीब 54 साल बाद NASA अपना महत्वाकांक्षी Artemis II मिशन लॉन्च करने जा रहा है, जो मानव अंतरिक्ष उड़ान के नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।
क्या है Artemis II मिशन
Artemis II एक मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन है, जिसमें चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की ओर भेजे जाएंगे। यह मिशन चंद्रमा पर लैंड नहीं करेगा, बल्कि उसकी परिक्रमा कर पृथ्वी पर लौट आएगा। इसे भविष्य में चंद्रमा पर इंसान भेजने की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।
इस मिशन में Space Launch System रॉकेट का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो अब तक का सबसे शक्तिशाली रॉकेट माना जाता है। इसके साथ Orion spacecraft अंतरिक्ष यान अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर जाएगा।
कौन हैं इस ऐतिहासिक मिशन का हिस्सा (Artemis II Mission)
इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं-रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडा के जेरेमी हैनसेन। यह टीम खास इसलिए भी है क्योंकि इसमें पहली बार महिला, अश्वेत और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्री एक साथ चंद्र मिशन पर जा रहे हैं।
कैसा होगा पूरा सफर और रूट
Artemis II का सफर बेहद रोमांचक और चुनौतीपूर्ण होगा। लॉन्च के बाद अंतरिक्ष यान पहले करीब 25 घंटे तक पृथ्वी की कक्षा में रहेगा, जहां कई जरूरी परीक्षण किए जाएंगे। इसके बाद यह चंद्रमा की ओर रवाना होगा और करीब 3.9 लाख किलोमीटर की दूरी तय करेगा।
यान चंद्रमा के पास पहुंचकर उसकी परिक्रमा करेगा और फिर “फ्री रिटर्न ट्रेजेक्टरी” के जरिए वापस पृथ्वी की ओर (Artemis II Mission) लौटेगा। इस तकनीक की खास बात यह है कि इसमें ईंधन कम लगता है और आपात स्थिति में भी यान सुरक्षित लौट सकता है।
कितने दिन का होगा मिशन
पूरा Artemis II मिशन लगभग 10 दिनों का होगा। पहले चरण में पृथ्वी की कक्षा में परीक्षण, फिर चंद्रमा की यात्रा, उसके बाद वापसी-यह पूरा सफर करीब दस दिन में पूरा किया जाएगा। छठे दिन यह मिशन पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूरी पर होगा, जो अब तक का रिकॉर्ड भी तोड़ सकता है।
क्या-क्या होगा खास
इस मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के उस हिस्से को भी देख पाएंगे, जो पृथ्वी से कभी दिखाई नहीं देता। वे वहां से तस्वीरें और वैज्ञानिक डेटा जुटाएंगे, जो भविष्य के मिशनों के लिए बेहद अहम साबित होगा।
वापसी कैसे होगी
मिशन के अंत में ओरियन कैप्सूल पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करेगा और प्रशांत महासागर में सुरक्षित लैंडिंग करेगा। इस दौरान हीट शील्ड की भूमिका बेहद अहम होगी, जो तेज तापमान से यान और यात्रियों की रक्षा करेगी।
क्यों है यह मिशन इतना महत्वपूर्ण
Artemis II सिर्फ एक मिशन नहीं, बल्कि भविष्य की अंतरिक्ष योजनाओं (Artemis II Mission) की नींव है। इसके बाद Artemis III मिशन के तहत इंसानों को चंद्रमा की सतह पर उतारने की तैयारी है। यही नहीं, यह मिशन आगे चलकर मंगल ग्रह पर मानव मिशन का रास्ता भी साफ करेगा।
इस तरह Artemis II मानव इतिहास के उस नए अध्याय की शुरुआत है, जहां अंतरिक्ष अब सिर्फ खोज नहीं, बल्कि भविष्य की बसाहट का रास्ता बनता नजर आ रहा है।
