जम्मू-कश्मीर की सीमाओं की रक्षा के साथ भारतीय सेना सामाजिक सरोकारों में भी अभूतपूर्व योगदान (Army Mega Eye Camp) दे रही है। कमांड हॉस्पिटल ऊधमपुर द्वारा आयोजित चार दिवसीय मेगा आई कैंप ‘ऑपरेशन दृष्टि’ (Operation Drishti) में 2000 से अधिक मरीजों की नेत्र जांच की गई, वहीं 400 से ज्यादा मरीजों का सफल नेत्र ऑपरेशन किया गया। इस सेवा अभियान ने सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों के लोगों की अंधेरे भरी जिंदगी में नई रोशनी ला दी है।
कैंप में सैकड़ों बुजुर्ग, युद्ध नायिकाएं (वीर नारियां), सैनिक परिवारों के सदस्य और दूरस्थ पहाड़ी गांवों से आए नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने सेना के इस प्रयास को मानवता के लिए मिसाल बताया। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर इसे दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की अभूतपूर्व पहुंच करार दिया।
इस मेगा आई कैंप में ऊधमपुर, डोडा, राजौरी, रियासी, पुंछ और किश्तवाड़ सहित कई जिलों के मरीजों ने लाभ लिया। संपूर्ण अभियान का नेतृत्व कमांडेंट मेजर जनरल संजय शर्मा ने किया। सर्जिकल टीम का संचालन आर्मी हॉस्पिटल रिसर्च एंड रिफरल, नई दिल्ली के वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ ब्रिगेडियर एस.के. मिश्रा ने किया। उन्होंने बताया कि शिविर में विश्वस्तरीय उपकरण, उच्च गुणवत्ता वाले इंट्रा-ऑक्यूलर लेंस (IOL) और अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया। मरीजों के मोतियाबिंद, ग्लूकोमा और रेटिना संबंधी रोगों का भी विस्तृत उपचार किया गया।
विशेष वायुसेना विमान के माध्यम से दिल्ली से विशेषज्ञ चिकित्सक और उपकरण ऊधमपुर पहुंचाए गए, जिससे कैंप की कार्यकुशलता और भी बेहतर हुई। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शिविर के लाभार्थियों को चश्मे वितरित किए और उत्कृष्ट कार्य करने वाली टीम को सम्मानित किया। ‘ऑपरेशन दृष्टि’ ने यह साबित किया कि भारतीय सेना सिर्फ सीमा की हिफाजत ही नहीं करती, बल्कि समाज के वंचित वर्गों के लिए जीवन में नई उम्मीद और उजाला भी लेकर आती है।
