जिले के अंदरूनी जंगलों में सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता हाथ (Anti Naxal Operation) लगी है। नक्सल विरोधी अभियान के दौरान जवानों ने घने वन क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया, जहां लंबे समय से छिपाकर रखी गई संदिग्ध सामग्री का पता चला। कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियों के बीच उत्साह का माहौल है और इलाके में लगातार निगरानी बढ़ा दी गई है।
स्थानीय स्तर पर भी इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुरक्षा बलों का कहना है कि बरामद सामग्री का इस्तेमाल भविष्य में बड़ी घटनाओं को अंजाम देने के लिए किया जा सकता था। समय रहते की गई कार्रवाई से संभावित खतरे को टालने में सफलता मिली है।
12 जून 2026 को चलाए गए अभियान में सीआरपीएफ की 199वीं वाहिनी की संयुक्त टीम ने हिस्सा लिया। प्राप्त आसूचना के आधार पर पीडिया, कुप्पागुड़ा, एंड्री, हर्रा और मदुमपारा क्षेत्र के जंगलों में विशेष सर्च अभियान चलाया गया।
घने जंगलों में चलाया गया अभियान : Anti Naxal Operation
अभियान के दौरान जवानों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर चरणबद्ध तरीके से तलाशी ली। जंगल के विभिन्न हिस्सों में खोजबीन के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए कुल आठ डंप बरामद किए गए।
सुरक्षा बलों ने अत्यधिक सतर्कता के साथ पूरे क्षेत्र की जांच की और संदिग्ध स्थानों को खंगाला। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई।
हथियार और विस्फोटक सामग्री मिली
बरामद सामग्री में सीजीएल रायफल, 8 एमएम रायफल, 12 बोर रायफल और 21 आईईडी शामिल हैं। इसके अलावा आईईडी तैयार करने में उपयोग होने वाली विभिन्न सामग्रियां भी मिली हैं। जवानों को कॉर्डेक्स वायर, सेफ्टी फ्यूज, इलेक्ट्रिक वायर, एयर गन राउंड तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी मिले हैं। इसके साथ ही नक्सलियों के उपयोग के कपड़े और अन्य सामान भी बरामद किया गया।
कुल 58 प्रकार की वस्तुएं जब्त
सुरक्षाबलों के अनुसार अभियान के दौरान कुल 58 प्रकार की अलग अलग वस्तुएं बरामद की गई हैं। जांच एजेंसियां अब जब्त सामग्री का परीक्षण कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन सामग्रियों का उपयोग सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने और क्षेत्र में गतिविधियां संचालित करने के लिए किया जा सकता था।
पहले संवेदनशील रहा है इलाका
एंड्री, हर्रा, मदुमपारा और पीडिया क्षेत्र पहले नक्सली गतिविधियों के लिए काफी संवेदनशील माने जाते (Anti Naxal Operation) रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में लगातार चलाए गए अभियानों के कारण क्षेत्र में नक्सली प्रभाव में कमी आई है। सुरक्षा बलों का कहना है कि लगातार अभियान चलाने से स्थानीय ग्रामीणों में सुरक्षा का विश्वास भी मजबूत हुआ है और क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल होने लगी है।
बिना किसी नुकसान के सफल कार्रवाई
इस पूरे अभियान के दौरान किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। सुरक्षा बलों ने पूरी कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया और बरामद सामग्री को सुरक्षित कब्जे में ले लिया। अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
नक्सलमुक्त क्षेत्र बनाने पर फोकस
सीआरपीएफ की 199वीं वाहिनी ने स्पष्ट किया है कि आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च (Anti Naxal Operation) प्राथमिकता है। आसूचना आधारित अभियानों को और प्रभावी बनाकर क्षेत्र को पूरी तरह नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में लगातार काम किया जाएगा। सुरक्षा बलों का कहना है कि भविष्य में भी जंगल क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
