अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) एक बार फिर विवादों के घेरे में है। यूनिवर्सिटी के ‘सर जियाउद्दीन हॉल’ हॉस्टल में पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम ने जब छापेमारी (AMU Hostel Raid) की, तो वहां का नजारा देखकर हर कोई दंग रह गया। खुफिया इनपुट के आधार पर हुई इस कार्रवाई में हॉस्टल के एक कमरे से न केवल जाली नोट, बल्कि भारी मात्रा में गोला-बारूद भी बरामद किया गया है।
पुलिस ने मौके से 32 बोर पिस्टल की गोलियां, 12 बोर के चार जिंदा कारतूस, खाली मैगजीन कवर और आठ मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन में हड़कंप मच गया है और हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
अवैध कब्जे का खौफनाक सच और शेवाज का कनेक्शन (AMU Hostel Raid)
एएमयू के प्रॉक्टर नावेद खान ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि जिस कमरे में यह अवैध सामान मिला, वहां शेवाज नाम का एक युवक जबरन रह रहा था। वह इस हॉस्टल का वैध छात्र नहीं था, बल्कि उसने असली आबंटियों को डरा-धमकाकर वहां से बाहर निकाल दिया था और पिछले कई महीनों से वहां अवैध रूप से शरण लिए हुए था।
रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि शेवाज ने पहले कभी यूनिवर्सिटी में दाखिला जरूर लिया था, लेकिन वह ‘नॉन-रेजिडेंट’ छात्र था, यानी उसे हॉस्टल में रहने की अनुमति नहीं थी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश (AMU Hostel Raid) कर रही है कि हॉस्टल के भीतर जाली नोट और कारतूसों का यह जखीरा किस मकसद से इकट्ठा किया गया था।
गोलीबारी की जांच ने खोला यूनिवर्सिटी हॉस्टल का राज
इस पूरी छापेमारी की कहानी अलीगढ़ के सिविल लाइंस इलाके में सोमवार को हुई एक गोलीबारी की घटना से जुड़ी है। पुलिस ने उस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनसे पूछताछ के दौरान शेवाज और हॉस्टल के इस कमरे का जिक्र आया। इसके बाद पुलिस ने बिना समय गंवाए बुधवार शाम को हॉस्टल में दबिश दी।
फिलहाल, कमरे के एक वैध आबंटी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है ताकि यह समझा (AMU Hostel Raid) जा सके कि शेवाज वहां किन परिस्थितियों में कब्जा जमाए बैठा था। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह किसी बड़े गिरोह का हिस्सा हो सकता है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जा सके।
