Amit Shah Folk Dance : बादल अकादमी में देर रात तक गूंजती रही बस्तर की संस्कृति, लोकनृत्यों में डूबे नजर आए बड़े नेता

बस्तर में आज शाम बादल अकादमी का माहौल पूरी तरह रंग और संस्कृति से सराबोर (Amit Shah Folk Dance) नजर आया। पारंपरिक वेशभूषा में कलाकारों की मौजूदगी, ढोल और मांदर की आवाज और लोकगीतों की गूंज ने पूरे परिसर को अलग ही रंग में रंग दिया। कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंच गए थे और हर किसी की नजर मंच पर होने वाली प्रस्तुतियों पर टिकी हुई थी।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जैसे ही कार्यक्रम स्थल पहुंचे, कलाकारों ने पारंपरिक अंदाज में उनका स्वागत किया। इसके बाद मंच पर एक के बाद एक लोक प्रस्तुतियां शुरू हुईं, जिन्हें देखकर वहां मौजूद अतिथि काफी देर तक कलाकारों का उत्साह बढ़ाते नजर आए। पूरे कार्यक्रम में बस्तर की सांस्कृतिक पहचान साफ दिखाई दी।

लोकगीत और नृत्यों ने बांधा समां : Amit Shah Folk Dance

कार्यक्रम में लोक गीतों के साथ गेड़ी नृत्य और पारंपरिक प्रस्तुतियों ने लोगों का ध्यान खींचा। कलाकारों ने बस्तर की संस्कृति को मंच पर जीवंत रूप में पेश किया, जिसे देखकर मौजूद लोग काफी प्रभावित नजर आए।

शहीद गुंडाधुर पर हुई विशेष प्रस्तुति

मंच पर शहीद गुंडाधुर पर आधारित नाट्य प्रस्तुति (Amit Shah Folk Dance) भी दी गई। इसके अलावा जादू बस्तर कार्यक्रम ने भी माहौल को पूरी तरह सांस्कृतिक रंग में ढाल दिया। लोक कलाकार लखेश्वर बुधराम के गीतों पर दर्शकों ने जमकर सराहना की।

तीन राज्यों के मुख्यमंत्री भी रहे मौजूद

इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने कलाकारों की प्रस्तुतियों को काफी देर तक देखा और बस्तर की लोक कला की प्रशंसा की।

संस्कृति और विकास पर भी हुई चर्चा

कार्यक्रम खत्म होने के बाद सभी अतिथि नेता बादल अकादमी में आयोजित रात्रि भोज में शामिल (Amit Shah Folk Dance) होंगे। इस दौरान बस्तर के विकास, सांस्कृतिक पहचान और क्षेत्र से जुड़े अन्य विषयों पर अनौपचारिक चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।

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