Abhujhmad Operation : अबूझमाड़ के दुर्गम जंगलों में चलाए जा रहे संयुक्त सर्चिंग अभियान ने माओवादियों की एक बड़ी साजिश पर पानी फेर दिया है। सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ के बाद जिस हथियारों का जखीरा बरामद किया है, उसे अब तक की सबसे बड़ी सफलता माना जा रहा है।
बरामद हथियारों में लाइट मशीनगन (एलएमजी), एके-47, इंसास रायफल, एसएलआर, स्टेन गन, मोर्टार, बैरल ग्रेनेड लांचर (बीजीएल), पिस्टल, कट्टा और 12 बोर बंदूक जैसी घातक राइफलें शामिल हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में बारूद, बम, डेटोनेटर, हैंड ग्रेनेड और विस्फोटक भी मिले हैं।
अभियान में सामने आई जानकारी बताती है कि माओवादी इन हथियारों को किसी बड़े हमले की तैयारी में उपयोग करने वाले थे। लेकिन सुरक्षा बलों की सक्रियता ने इस संभावित वारदात को समय रहते रोक दिया।
सूत्रों के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान माओवादी सुरक्षाबलों पर अंधाधुंध फायरिंग करने लगे थे, लेकिन जवाबी कार्रवाई के चलते उन्हें पीछे हटना पड़ा। कई नक्सली(Abhujhmad Operation) घायल अवस्था में जंगल में भाग निकले।
इस अभियान में डीआरजी, एसटीएफ और आइटीबीपी की संयुक्त टीमों ने लगातार बारिश और ऊबड़-खाबड़ इलाकों में पैदल मार्च कर सघन तलाशी की। नतीजतन, माओवादियों का हथियारों का छिपाया हुआ बड़ा नेटवर्क ध्वस्त हो गया।
बरामद हथियारों की लिस्ट चौंकाने वाली है—
एक एलएमजी मय मैग्जीन
एक मोर्टार
एक असॉल्ट राइफल
एक एसएलआर
एक इंसास रायफल मय मैग्जीन
एक स्टेन गन मय मैग्जीन
दो पिस्टल, दो देशी कट्टा
आठ बीजीएल लांचर
चार 303 रायफल, चार 12 बोर बंदूक
49 भरमार बंदूक
23 बड़े बीजीएल सेल, 63 मध्यम सेल, 14 छोटे बीजीएल सेल
आठ देसी हैंड ग्रेनेड, एक विदेशी ग्रेनेड
आठ तीर बम
141 बंडल सेफ्टी फ्यूज, डेटोनेटर और वायर
सुरक्षाबलों का मानना है कि इस ऑपरेशन(Abhujhmad Operation) से न सिर्फ हथियारों का बड़ा जखीरा नष्ट हुआ है, बल्कि जंगलों में माओवादियों की रणनीति और हमले की क्षमता को भी गहरा नुकसान पहुँचा है।