महिलाओं को 50% छूट, फिर भी पंजीयन विभाग की कमाई 153 करोड़ के पार

रायगढ़। महिलाओं के नाम पर संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट का लाभ खरीदारों को मिल रहा है। खास बात यह है कि इस रियायत के बावजूद पंजीयन विभाग के राजस्व में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में जहां विभाग को 122 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था, वहीं चालू वित्तीय वर्ष में अप्रैल से सितंबर के बीच यह आंकड़ा बढ़कर 153 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अभी पांच महीने शेष हैं।

पंजीयन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 6 मई से 21 अक्टूबर 2026 के बीच महिलाओं के पक्ष में संपत्ति अंतरण के 2,385 दस्तावेज पंजीकृत किए गए। इन दस्तावेजों पर सामान्य चार प्रतिशत की दर से लगभग 16.11 करोड़ रुपये पंजीयन शुल्क देय होता, लेकिन महिलाओं के लिए दो प्रतिशत की रियायती दर लागू होने से शुल्क करीब 8.05 करोड़ रुपये रह गया। इस तरह संपत्ति खरीदारों को लगभग 8.05 करोड़ रुपये की सीधी आर्थिक राहत मिली।

महिलाओं के नाम रजिस्ट्री कराने पर आधा हुआ शुल्क

संपत्ति खरीदते समय पंजीयन शुल्क भी खरीदारों के बजट का अहम हिस्सा होता है। महिलाओं के पक्ष में संपत्ति अंतरण के दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क चार प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत किए जाने से मकान, जमीन और अन्य अचल संपत्तियों की रजिस्ट्री का खर्च कम हुआ है। इस पहल से महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने और उनके स्वामित्व को प्रोत्साहित करने में भी मदद मिल रही है।

सात उप पंजीयक कार्यालयों में 2,385 दस्तावेज पंजीकृत

विभागीय आंकड़ों में रायगढ़, खरसिया, घरघोड़ा, धरमजयगढ़ और पुसौर के उप पंजीयक कार्यालयों में 6 मई से 21 अक्टूबर तक 1,786 पंजीयन दर्ज किए गए। इन दस्तावेजों पर चार प्रतिशत की सामान्य दर से 15 करोड़ 10 लाख 23 हजार 31 रुपये शुल्क बनता, जबकि दो प्रतिशत की रियायती दर से यह राशि घटकर 7 करोड़ 55 लाख 11 हजार 515 रुपये रह जाती है। इस प्रकार इन कार्यालयों में करीब 7.55 करोड़ रुपये की शुल्क राहत का अनुमान है।

वहीं, सारंगढ़ और सरिया के उप पंजीयक कार्यालयों में 599 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इन दस्तावेजों पर सामान्य दर से 1 करोड़ 6 लाख 92 हजार 78 रुपये तथा रियायती दर से 50 लाख 34 हजार 639 रुपये शुल्क बनता है। इन कार्यालयों में भी महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री कराने से खरीदारों को शुल्क में राहत मिली है।

राजस्व बढ़ा, लक्ष्य समय से पहले पूरा

महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री के लिए शुल्क में छूट दिए जाने के बावजूद विभाग का राजस्व पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में काफी आगे निकल गया है। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच 153 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होना इस बात को दर्शाता है कि रियायती दरों के साथ भी पंजीयन गतिविधियों में तेजी बनी हुई है। विभाग को उम्मीद है कि वित्तीय वर्ष के शेष महीनों में राजस्व और बढ़ेगा।

रायगढ़ के उप पंजीयक दीपक कुमार ने बताया कि महिलाओं को पंजीयन शुल्क में छूट मिलने से उनके नाम पर रजिस्ट्री के प्रकरणों में वृद्धि हुई है। इसके चलते पिछले वित्तीय वर्ष के राजस्व लक्ष्य को निर्धारित समय से पांच महीने पहले ही प्राप्त कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अभी समय शेष है, इसलिए पंजीयन के आंकड़ों में और बढ़ोतरी होने की संभावना है।

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