दंतेवाड़ा-रायपुर । दंतेवाड़ा में हुए नक्सली हमले में हुए भाजपा विधायक भीमा मंडावी और चार जवानों के शहीद होने के बाद आज डीजीपी ने दंतेवाड़ा पहुंचकर कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। इसके बाद मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि घटना के पहले बचेली थाना प्रभारी ने श्री मंडावी से फोन पर बात करते हुए उन्हें उस रास्ते से जाने के लिए मना किया था। डीजीपी डीएम अवस्थी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि किरंदुल से चुनावी सभा को संबोधित कर जब श्री मंडावी वापस लौट रहे थे। इस बीच बचेली थाना प्रभारी ने उन्हें फोन किया और बताया कि उस रास्ते से लौटना ठीक नहीं है, लेकिन श्री मंडावी नहीं माने और आगे बढ़ते गए। समयाभाव के चलते उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया नहीं कराई जा सकी, जिसका खेद है। श्री अवस्थी ने बताया कि विधायक श्री मंडावी के रास्ता नहीं बदलने के बाद इतना वक्त भी नहीं था कि उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराई जा सके, इसके अलावा आरओपी (रोड ओपनिंग पार्टी) की भी तत्काल व्यवस्था संभव नहीं थी। इधर आज दंतेवाड़ा में कानून-व्यवस्था की समीक्षा और डीजीपी की प्रेसवार्ता में डीजी नक्सल ऑपरेशन, डीजी इंटेलिजेंस और डीआईजी नक्सल भी उपस्थित थे।
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