उरला में 40 किलो गांजा तस्करी के आरोपी को 20 साल का सश्रम कारावास

रायपुर। उरला थाना क्षेत्र में गांजा तस्करी के मामले में विशेष न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 2 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। आरोपी ट्रक के टूल बॉक्स में चार बोरियों में गांजा छिपाकर ले जा रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से 40.545 किलोग्राम गांजा जब्त किया था। मामले में विशेष न्यायाधीश, एनडीपीएस एक्ट रायपुर ने 27 अक्टूबर 2026 को फैसला सुनाया।

पुलिस के अनुसार, घटना 1 अप्रैल 2025 की है। उरला क्षेत्र स्थित रियल इस्पात कंपनी के गार्ड राजेश सिंह ने सूचना दी थी कि कंपनी में माल लोड करने आए ट्रक क्रमांक जीजे 01 जेटी 4272 के टूल बॉक्स में चार सफेद प्लास्टिक की बोरियों में गांजा जैसा पदार्थ रखा हुआ है। सूचना मिलने पर उरला थाना पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। ट्रक के टूल बॉक्स को खोलने पर उसमें प्लास्टिक के पैकेटों में गांजा भरा मिला। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों का पालन करते हुए गांजा जब्त किया और ट्रक चालक को गिरफ्तार किया।

आरोपी की पहचान इरफान सा दीवान (32), निवासी ग्राम भोभा टेकारी बोरसद, थाना बोरसद, जिला आणंद, गुजरात के रूप में हुई। पुलिस ने उसके कब्जे से 40.545 किलोग्राम गांजा जब्त किया, जिसकी कीमत लगभग 4 लाख 5 हजार रुपये बताई गई। इसके बाद मामले की विवेचना पूरी कर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया।

एक हजार रुपये प्रति किलो देने का मिला था लालच

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह 18 मार्च 2025 को ट्रक लेकर निकला था। उसके गांव के ही इमरान नामक व्यक्ति ने उसे ओडिशा से गांजा लाने के लिए कहा था। इसके बदले प्रति किलो एक हजार रुपये देने का लालच दिया गया था। आरोपी के अनुसार, 28 मार्च 2025 की रात अंगूल और गोगंडा के बीच एक ऑटो चालक ने उसे गांजे की चार बोरियां दी थीं। उसने इन बोरियों को ट्रक के टूल बॉक्स में छिपा लिया था। इसके बाद वह रियल इस्पात कंपनी पहुंचा, जहां पुलिस ने उसे पकड़ लिया।

अर्थदंड नहीं देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास

विशेष न्यायाधीश, एनडीपीएस एक्ट रायपुर ने आरोपी इरफान सा दीवान को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(ii)(सी) के तहत दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 2 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा नहीं करने पर आरोपी को छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।

इस कार्रवाई और प्रकरण की विवेचना में थाना प्रभारी निरीक्षक रोहित मालेकर, निरीक्षक बीएल चंद्राकर, विवेचक उप निरीक्षक जेडी दीवान और उरला थाना स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही।

↑
Exit mobile version