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बालोद के कई जलाशयों में जलभराव का प्रतिशत बढ़ा, जलाशयों से मिलेगा अब पानी हो सकेगी बुआई

Date : 10-Jul-18

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बालोद (नवप्रदेश) । जिले में  इन दीनो धान की बुआई का कार्य युध्द स्तर पर की जा रही हैं ।वही कम बारिश होने के कारण कृषि कार्य पिछड़ गया जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा। पिछले 15 दिनों के पहले अच्छी बारिश होने के कारण कुछ किसानो ने धान की बोनी कर दिए थे और बारिश नही होने के कारण धान के पौधे मुरझाने लग गए थे और खेतो  में खरपतवार भी हो गई थी जिससे किसानो आर्थिक रूप परेशानी का सामना करना पड रहा हैं । वहीँ दो दिनों से हो रही बारिश से धान के पौधो को नया जीवनदान मिला हैं । बारिश होने के साथ ही अब कृषि कार्य में तेजी अ गई और खेतो की ओर रुख कर रहे हैं । जिन किसानो के पास पानी की साधन हैं वे किसान धान की रोपाई का  कार्य में व्यस्त हैं । कृषि कार्य के लिए दो दिनों से हुई बारिश ने  क्षेत्र के किसानों में उत्साह उमंग है और वे कृषि कार्य मे तेजी से जुट गए है।और उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले दिन में भी मौसम इसी तरह रहे और क्षेत्र में जोरदार बारिश हो जिससे जिले के किसानों को पानी की किल्लत से झूझना न पड़े ।वही जिले अबतक 80 प्रतिशत किसान बोआई कार्य पूरा कर चुके है । जो किसान पहले खेत की बोआई किया था उसके खेत के धान अंकुरण होकर अब पौधेबन गए है। जो खेतो में हरा दिखाई दे रहे हैं। तो वही कुछ किसान क्षेत्र में अच्छी बारिश होंने की उम्मीद से रोपा रखे हैं।जिसकी तैयारी में वे अभी से जुट गए हैं।जो आने वाले माह में जिले में रोपाई कार्य भी पूरी हो जाएगी।वही पिछले दो वर्ष में जिले में हुई बारिश की बात करे तो जिले में औसत से कम बारिश हुई थी, जिससे फसलों को काफी नुकसान हुआ था.जिस वजह से जिले के डोंडी, डोंडीलोहारा, गुरुर, बालोद ब्लाक को आंकल घोषित किया गया था। हालांकि इस बार जिले में मानसून मेहरबान हैऔर शुरुवात से ही अच्छी बारिश हो रही है।यही वजह है कि किसान अपने पूरे उत्साह के साथ किसानी कार्यों में जुट गए हैं. अब देखना होगा कि मौसम अन्नदाताओं पर कितना मेहरबान होता है। आने वाला समय ही बताएगा।