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खेल है..खिलाड़ी हैं, लेकिन सरकारी सहयोग की आस बाकी 

Last Modified Aat : 09-Jul-18

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बालोद (नवप्रदेश) । छत्तीसगढ़ एक ऐसा राज्य है जहां पर कई प्रकार के खेल खेले जाते हैं, प्रतिभावान खिलाडिय़ों की भी कमी इस राज्य में नहीं है। लेकिन आज शासन प्रशासन के सहयोग के आभाव में ऐसे कई प्रतिभावन खिलाडिय़ों की प्रतिभा सिमट कर रह गई है।  कुछ ही खेलों के लिये शासकीय सहयोग मिलता है बाकी अन्य खेलों के लिए भले ही प्रदेश में अच्छे प्रतिभावान खिलाड़ी हो लेकिन सहयोग की कमी आज खिलाडिय़ों को खल रही है। बालोद जैसे छोटे जिले जहां विभिन्न खेलों से जुड़े प्रतिभावान खिलाड़ी भरपूर है लेकिन प्रशासन की उदासीनता के चलते आज जिले के अधिकतर खिलाड़ी अपनी प्रतिभाओं को निखार नहीं पाते। ऐसे ही जिले सहित छत्तीसगढ़ राज्य के बच्चों की प्रतिभाओं को आगे लाने के प्रयास से बालोद जिले में शुक्रवार को बाल बैडमिन्टन प्रतियोगिता का आगाज हुआ। जहां छत्तीसगढ़ राज्य के 18 जिलों से लगभग 400 खिलाडिय़ों ने हिस्सा लिया। इस तीन दिवसीय प्रतियोगिता में प्रदेश के दूर-दराज से पहुंचे इस दौरान खिलाडिय़ों ने अपनी पीड़ा व्यक्त की। कई जिलों में ऐसे लोग हैं जो सम्पन्न परिवार से ताल्लुख रखते हैं ऐसे लोग आज खिलाडिय़ों की प्रतिभाओं को निखारने का बीड़ा उठाये है। बालोद जिले में इस प्रकार के आयोजन से एक ओर जहां जिले के खिलाडिय़ों में हर्ष का माहौल बना हुआ है तो वहीं दूसरी ओर अधिकतर खिलाड़ी उदास भी दिखे। 

खिलाडिय़ों की कहानी उन्हीं की जुबानी

  •  मैं काफी लंबे दिनों से इस खेल से जुड़ी हुं और आज भिलाई से इस राज्य स्तरीय स्पर्धा में पहुंचे टीम को सिखाने का काम बतौर कोच के रूप में करती हुं। आज दूसरे राज्यों में अगर कोई खिलाड़ी इसी खेल में राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचता तो उन्हें नौकरी मिल जाती लेकिन हमारे छग राज्य में ऐसा नहीं होता।  -एकता तांब्रकार
  • मैं पिछले सात सालों से बॉल बेडमिन्टन खेल रही हुं।  पिछले सात सालों में मैंने देखा कि आज तक मुझे और हमारी पूरी टीम को शासन प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं मिला। खेल से जुड़े सारे खर्च हमें ही उठाने पड़ते हैं।   -हर्षिता साहू
  • 2018 में श्रीलंका में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय बाल बेडमिन्टन स्पर्धा में मैने अपने मेहनत और कोच के प्रयास के चलते भाग ली हुं। हमें आपेक्षा होती है कि शासन प्रशासन की ओर से खेल की सामग्रियों के लिए सहयोग मिले। -निकहत बानो
  • 6 राष्ट्रीय व 1 अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धा में भाग लेने के लिए मेरा सहयोग मेरे कोच व परिवार वाले किये हैं। मुझे आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग मेरे कोच अंकित लूनिया का सहयोग है।  सहयोग की मांग की गई थी लेकिन आज तक केवल हमें आश्वासन ही मिलता रहा सहयोग नहीं। -काजल सिंग
  •  एक किसान का बेटा होने के साथ मैने कभी सोंचा नहीं था कि मैं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किसी खेल के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाउंगा लेकिन आज मैं कई राष्ट्रीय और एक अंतर्राष्ट्रीय बाल बेडमिन्टन प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुका हुं।-प्रभात सेठ
  • मेरे कोच अंकित लुनिया के माध्यम से मुझे आज 5 वर्ष से अधिक इस खेल से जुड़े हो गये हैं। हमें आगे बढ़ाने में सिर्फ हमारे कोच का ही हाथ है इसके लिए न किसी प्रकार से शासन का सहयोग मिला और न ही प्रशासन का। -मेहुल चन्द्राकर
  • इस राज्य स्तरीय बॉल बेडमिन्टन प्रतियोगिता में महासमुंद जिले के प्रतिनिधित्व करते हुए मैं आज बालोद जिले में आया हुं। इस खेल में जो भी सामग्रियां उपयोग में लाई जाती है वह काफी महंगी होती है तो इसके लिए शासन प्रशासन को मदद करना चाहिए। -निलेश पाण्डे