nav Pradesh logo

कड़कनाथ ने बदली राखी नाग की जिंदगी, माली हालातो से गुजर-बसर करते थे, योजना से जुड़कर बदले हालात

Date : 07-Jul-18

News image
News image
News image
News image
News image
News image
News image
News image
News image
News image
News image
News image
<
 
दन्तेवाड़ा। नक्सलगढ़ दन्तेवाड़ा गन बंदूक और बारूदों के नाम से सुर्खियों में अक्सर देश-दुनिया मे चर्चा का केंद्र बनता रहा है। मगर हालातो से लड़कर जीतने वाले भी इसी दन्तेवाड़ा में है। ऐसे ही एक किसान राखीराम नागेश की कहानी है। जो सरकार की  कड़कनाथ मुर्गा पालन योजना से जुड़कर आज फर्श से अर्श का सफर तय किया है। जिले के गीदम ब्लाक में एक बड़ेपनेड़ा गांव है। जहाँ राखी राम नागेश का 5 लोगो का परिवार रहता है। बच्चो की पढ़ाई के लिए और 2 जून की रोटी का संघर्ष करने के लिए राखी नागेश ने  गांव में एक छोटी सी दुकान भी बना रखी थी। मगर उस दुकान पर इतनी आमदनी नही हो पाती थी जिससे घर-खर्च और बच्चो को ठीक से पढ़ाया भी जा सके। मगर तभी राखी नाग ने प्रशासन की एक कड़कनाथ मुर्गी पालन योजना  के बारे में गांव में ही चर्चा के दौरान सुना।   जहाँ वे गांव के सरपंच के माध्यम से  पशु विभाग दन्तेवाड़ा जाकर कड़कनाथ मुर्गी पालन योजना की जानकारी ली। फिर क्या था राखी नागेश की किस्मत के स्टार कड़कनाथ से कड़की दूर करने के सफर पर चल पड़े।
 
जब लल्लूराम.काम की टीम  राखी नाग के गॉव पनेड़ा पहुँची तो राखी नागेश ने अपने कड़कनाथ मुर्गा पालन केंद्र को दिखाया। साथ ही प्रशासन की इस कड़कनाथ योजना के बारे में जानकारी देते हुए। कमाई का पूरा फार्मूला भी समझाया। पशु विभाग दन्तेवाड़ा के सहयोग से राखी नाग जुड़कर महज 50 हजार रुपये लगाकर योजना शुरू की थी। जिसके बाद प्रशासन ने पूरा एक पोल्ट्रीफार्म और 1000 चूजे 3 किस्तों में दाना-पानी फ्री के साथ देने लगी। शुरुवात के छः महीने बीतने के बाद जब पहली बार राखी नाग ने अपने पोल्ट्रीफार्म से कड़कनाथ मुर्गे  400 बेचे तो उन्हें शुरुवात में ही 2.5 लाख रुपये की आमदनी हुई। 
  • दुकान बंद कर अब बस यही करते काम
 जैसे ही पहली खेप कड़कनाथ की बिकी, राखी नाग ने साइकिल की दुकान में ताला जड़ दिया। और इसी  योजना से जुड़कर कड़कनाथ पोल्ट्रीफार्म के काम मे लग गए। डेढ़ साल में ही राखी नाग ने 4 से 5 लाख रुपये इस योजना से कमा लिए। क्योकि इसके मुर्गे बाजार में 600 से 800 रुपये तक बिकते है।