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कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर बृजमोहन का करारा जवाब-

Last Modified Aat : 07-Jul-18

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  • संघर्ष के मैदान को छोड़कर मत भागो जनता के बीच में लड़ो, कुछ किए बिना जय जयकार नहीं होती है

● कांग्रेस से कहा-20 पन्नें के आरोप पत्र देने से सत्त्ता में आ जाएंगे इस मुगालते में न रहे

रायपुर । छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष द्वारा सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को प्रदेश सरकार के सबसे वरिष्ठ विधायक एवं  कद्दावर मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने सिरे से खारिज कर दिया है। इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान सदन में उन्होंने कहा कि बीते 28 सालों में मध्य प्रदेश से लेकर छत्तीसगढ़ विधानसभा तक हमने बहुत सारे अविश्वास प्रस्ताव देखे हैं। परंतु मुझे यह अविश्वास प्रस्ताव पूर्ण रूप से शासन पर विश्वास का प्रस्ताव नजर आता है। इस अविश्वास प्रस्ताव में न तो सरकार की किसी मंत्री पर आरोप लगे हैं और ना ही सरकार की किसी गड़बड़ी पर उंगली उठी है। ऐसा लगता है मानो अखबारों की कतरनों को ही अविश्वास प्रस्ताव का आधार बनाया गया। यह तैयारी तो विपक्ष कांग्रेस के कमजोरी को प्रदर्शित करती है। 
बृजमोहन ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव दस्तावेज बनते हैं। यह लाइब्रेरी में रखे जाते हैं । जिसका हमारी आने वाली पीढ़ी अध्ययन करती है। ऐसे में यहां अविश्वास प्रस्ताव के हल्के दस्तावेज लचर विपक्ष को प्रमाणित करती है।
बृजमोहन ने कहा की 15 बिंदुओं के इस अविश्वास प्रस्ताव  के एक भी ऐसे बिंदु तो बताएं जिस बिंदु पर इस सरकार ने पिछले 15 सालों में इस सदन में जवाब ना दिया हो? स्थगन के माध्यम से, प्रश्नों के माध्यम से, ध्यानाकर्षण के माध्यम से अगर कोई नई चीज लाते, कोई आरोप लगाते, कोई आरोप पत्र के माध्यम से हम लोगों को नोटिस देते तो हमें लगता किया अविश्वास प्रस्ताव है।
बृजमोहन ने आसंदी के समक्ष बात रखते हुए कहा कि अविश्वास प्रस्ताव में कुछ तथ्य होते हैं,कुछ मुद्दे होते हैं। सरकार की कमियों का उल्लेख होता है। कुछ आरोप होते हैं। यह प्रस्ताव प्रदेश के लोगों को जागृत करने के लिए होता है। परंतु यहां ऐसा कुछ भी प्रतीत नहीं होता। सारे मंत्री पिछले 3 दिनों से यह सोच रहे हैं कि जवाब क्या देना है? क्योंकि पूछे गए हर सवाल का जवाब विधानसभा में पहले ही दिया जा चुका है। इनके हवा-हवाई मुद्दों को पहले ही खारिज किया जा चुका है। उनकी हवा पहले ही निकाली जा चुकी है।
बृजमोहन ने कहा कि विश्वास और अविश्वास जनता के बीच में होता है। जनता ने तीन बार हमारे ऊपर विश्वास किया है और चौथी बार भी हम पर ही विश्वास करने वाली है। बृजमोहन ने कहा कि संघर्ष के मैदान को छोड़कर मत भागो। जनता के बीच में लड़ो कुछ किए बिना जय जयकार नहीं होती है। खाली यहां पर 20 पेज का एक आरोप पत्र देने से कोई आप सत्ता में आ जाओगे ऐसा नहीं है।जनता के बीच में उसके लिए लड़ना पड़ता है। जनता के बीच में जाकर काम करना पड़ता है। उनका विश्वास जीतना पड़ता है। और वह विश्वास किसी ने जीता है तो वह हमारी भारतीय जनता पार्टी ने जीता है। हमने 15 क्विंटल किसानों के धान की खरीदी की उसके लिए हम को विश्वास मिला। हमने किसानों को बोनस दिया हमने विश्वास जीता। हमने किसानों को बीमा की राशि दी हम विश्वास पर खरे उतरे। हमने युवाओं को लैपटॉप दिया, उनके लिए कॉलेज खोला। महिलाओं को महिला स्व सहायता समूह बनाकर  रोजगार प्रदान किया जिसके फलस्वरूप हमारी सरकार पर विश्वास बढ़ा। हमने उज्ज्वला योजना के तहत बहनों को गैस कनेक्शन दिए, किसानों को 0% ब्याज पर ऋण,अच्छी सड़के बनाई,बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान की तब कहीं जाकर जनता के बीच हमारा विश्वास मजबूत हुआ है। 
●भाजपा ही करती है किसानों का सम्मान
उन्होंने कांग्रेस की तरफ इशारा करते हुए कहा कि उन्होंने कभी किसानों का सम्मान नहीं किया। किसानों के स्वाभिमान की रक्षा करते हुए उन्हें इज्जत देने का काम हमारी भाजपा सरकार ने किया है। धान खरीदी में ही वे किसानों को प्रताड़ित कर जाते थे। कभी सोसाइटी में बिकेगा, कभी मंडी में बिकेगा, कभी एक एकड़ में 5 क्विंटल खरीदेंगे, कभी कहते थे ऋण पुस्तिका लेकर आओ, कभी धान को पानी में डूबा कर देखते थे और भुगतान का चेक भी मिले तो पेमेंट के लिए किसान घूमते नजर आते थे।
औचित्यहीन है यह अविश्वास प्रस्ताव
बृजमोहन ने सवाल किया कि अविश्वास प्रस्ताव लाने से क्या होगा। 3 बार प्रदेश की जनता ने विधानसभा में जिताया है। सरकार बनाई है। लोकसभा,नगर निगम, पालिका से लेकर पंचायत तक जनता भाजपा को विजयी दिलायी है। छत्तीसगढ़ की जनता का हमारे ऊपर विश्वास है ऐसे में यह अविश्वास प्रस्ताव ओचित्यहीन है।